आखिर क्यों अम्बानी के ‘जियोफोन’ को बिड़ला का नया 4G हैंडसेट डाल सकता है मुश्किल में

मुकेश अम्बानी के ‘जियोफोन’ को टक्कर देने के लिए आइडिया सेल्युलर ने भी 4जी हैंडसेट जारी करने का फैसला किया है। आईडिया का यह कदम रिलायंस जियो के 4जी फोन के सामने नेट न्यूट्रैलिटी की चिंताओं को बढ़ाएगी। आइडिया का कहना है कि ‘जियोफोन’ केवल अपने फोन में ऑपरेटर की पसंद के एप्स की अनुमति दे रहा है। जो नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत को लेकर चिंता का विषय है।

गौरतलब है कि इससे पहले ‘ड्यूश बैंक मार्केट रिसर्च’ ने 21 जुलाई को अपनी एक रिपोर्ट में अपने निवेशकों को बताया कि जियो फोन एक फ़ायरफ़ॉक्स मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित है और जियो फोन पर मौजूद एप्लिकेशन उसके स्वयं के स्टोर से डाउनलोड होंगे।

क्योंकि जियोफोन उन सभी एप्सों को अनुमति नहीं देगा जो ग्राहक पसंद करते हैं। आईडिया का कहना है कि वो जो फोन लॉन्च करने जा रहा है उसमे ग्राहक को अपनी पसंद के ऑपरेटर को चुनने Google, Facebook या Whatsapp जैसे लोकप्रिय एप्लिकेशन को चुनने विकल्प मौजूद हैं।

जियो फोन पर फ़िलहाल वाहट्सएप जैसे एप भी नहीं चलेंगे। जियो फोन ग्राहकों को एक वॉलेट गार्डन प्रदान करेगा, जो “पारंपरिक कनेक्टिविटी से परे अलग है जो कि नेट न्यूट्रैलिटी से जुड़ा मुद्दा है।  मिंट की रिपोर्ट के अनुसार कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के विश्लेषकों ने कहा कि ‘वॉलेट गार्डन’ जिसमे पहले से ही जियो एप और नॉन जियो एप प्री-इंस्टॉल किए गए हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि जब तक जियो में कोई स्वतंत्र एप स्टोर नहीं होगा तब तक यह नेट न्यूट्रैलिटी के सिद्धांत के खिलाफ माना जायेगा। हालाँकि अभी जियोफोन की प्रकृति के बारे में बहुत स्पष्टता नहीं है कि क्या यह अपने उपयोगकर्ताओं को अपने स्टोर से जियो एप के अलावा बहार के एप्लिकेशन डाउनलोड करने की अनुमति देगा या नहीं।

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जहां उपभोक्ता प्रतिस्पर्धा वाले ऐप इंस्टॉल नहीं कर सकते हैं। इसका मतलब है कि जियो में अन्य एप डाउनलोड नहीं किये जा सकेंगे। जो नेट न्यूट्रेलिटी की सीमाओं का उलंघन है। विश्लेषक मानते हैं कि इस पर रेगुलेटर को गौर करना चाहिए। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के चेयरमैन ने अभी इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।

ट्राई ने 2016 के अपने नियमों में कहा है कि सभी सेवा प्रदाता सभी इंटरनेट कंटेंट को सामान रूप से सेवा देगा और शुल्क देगा। उनका मानना है कि यह स्पष्ट रूप से इस मामले में नहीं हो रहा है, क्योंकि यह टैरिफ डिवाइस के लिए है अन्य सामग्री नहीं है।

इस प्रकार, यदि जियो सिम को किसी विशेष डिवाइस पर लॉक करना था और यह डिवाइस जियो द्वारा निर्धारित सेवाओं के लिए विशिष्ट उपयोगकर्ताओं को सीमित करने के लिए था तो यह डेटा सेवाओं के लिए भेदभावपूर्ण शुल्क के रूप में ट्राई के आदेश का उल्लंघन है।

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