योगी सरकार ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर को किया जबरन रिटायर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर तैनात वरिष्ठ आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को जबरन रिटायर कर दिया है। अमिताभ ठाकुर ने स्वयं ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। उत्तर प्रदेश में आईजी रूल्स एंड मैन्युअल  अमिताभ ठाकुर को लोकहित में सेवा में बनाये रखे जाने के उपयुक्त न पाते हुए लोकहित में तात्कालिक प्रभाव से सेवा पूर्ण होने से पूर्व सेवानिवृत किये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद अमिताभ ठाकुर ने एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मुझे अभी-अभी वीआरएस (लोकहित में सेवानिवृति) आदेश प्राप्त हुआ। सरकार को अब मेरी सेवाएं नहीं चाहिये। जय हिन्द।

बता दें कि यूपी कैडर के 1992 बैच के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संरक्षक मुलायम सिंह के खिलाफ लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद अखिलेश यादव सरकार ने उनके खिलाफ भी केस दर्ज कराया। उनके खिलाफ पांच पांचवीं विभागीय कार्रवाई भी हुई थी। अमिताभ पर आरोप था कि 16 नवम्बर 1993 को आईपीएस की सेवा प्रारंभ करते समय अपनी संपत्ति का ब्यौरा शासन को नहीं दिया गया। अमिताभ ने अपनी पत्नी व बच्चों के नाम से काफी संख्या में चल एवं अचल संपत्तियां, बैंक व पीपीएफ जमा की हैं। उनको ऋण व उपहार प्राप्त हुए थे, किन्तु उन्होंने इसकी सूचना शासन को नहीं दी।

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इन कार्यों को अखिल भारतीय आचरण नियमावली 1968 के नियम 16(1) तथा 16(2) का उल्लंघन बताते हुए अमिताभ ठाकुर को 15 दिन में इनके संबंध में अपना जवाब देने को कहा गया था। इससे पहले अमिताभ ठाकुर पर चार विभागीय कार्रवाइयां चलीं जो जो वर्ष 2015-16 में शुरू हुई थीं।

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