सुप्रीम कोर्ट में योगी सरकार बोली- माफिया मुख्तार अंसारी को बचाने में बेशर्मी पर उतरी अमरिंदर सरकार

लखनऊ। योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पंजाब ​की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार बाहुबली विधायक माफिया मुख्तार अंसारी को बचाने में ‘बेशर्मी’ पर उतर आई है। मुख्तार अंसारी रंगदारी के एक मामले में पंजाब की रूपनगर जिला जेल में बंद है।सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आरएस रेड्डी की पीठ ने पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे के प्रतिवेदन का संज्ञान लिया। दुष्यंत दवे ने निजी कारणों से मामले को स्थगित करने का अनुरोध किया था। वहीं यूपी गवर्नमेंट की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें दवे की मामले को स्थगित करने की याचिका पर कोई आपत्ति नहीं है।

माफिया मुख्तार अंसारी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि मुख्तार अंसारी एक ‘मामूली व्यक्ति’ हैं। मुख्तार को ‘राज्य के ताकतवर लोगों ने घेर लिया है।’ इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘ आप एक मामूली व्यक्ति हैं, जिसे पंजाब सरकार शर्मनाक तरीके से बचा रहा है।’ सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई को दो मार्च तक स्थगित कर दिया।

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शीर्ष अदालत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पंजाब राज्य और रूपनगर जेल अधिकारियों को तत्काल अंसारी को जिला जेल बांदा को सौंपने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। बता दें कि याचिका में रंगदारी मामले में पंजाब में चल रही आपराधिक कार्यवाही और सुनवाई को इलाहाबाद की विशेष अदालत में स्थानांतरित करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। विधायक मुख्तार अंसारी पंजाब में रूपनगर जिला जेल में जनवरी 2019 से ही बंद है।

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