महाराष्ट्र और ओडिशा के निकाय चुनाव : करारी हार के बाद कांग्रेस को दिल्ली में भी सताने लगी चिंता

हाल में महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी को मिली बड़ी सफलताओं और कांग्रेस पार्टी को मिली करारी हार के बीच और इससे पहले ओडिशा में पार्टी के बुरे प्रदर्शन के बाद अब पार्टी को दिल्ली में होने वाले एमसीडी के चुनाव के लिए चिंता सताने लगी है. जहां दिल्ली से राजनीति में धमाल मचाने वाली आम आदमी पार्टी ने इन सबके बीच अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर अपने इरादे साफ कर दिए हैं वहीं कांग्रेस खेमा चिंतन में फंसा हुआ है.

इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी को सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है और बीजेपी के लिए भी आप की बढ़ी ताकत सबसे बड़ी चुनौती है. राज्य में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही एमसीडी चुनाव को काफी गंभीरता से ले रहे हैं और यह साफ है कि दिल्ली का चुनाव भी इस बार काफी दिलचस्प होने जा रहा है.

यह बात और है कि स्थानीय स्तर पर अभी तक गैर-बीजेपी राज्य कहें जाने वाले राज्यों में भी बीजेपी की बढ़ती ताकत से सभी दल परेशान हैं. अब दिल्ली में स्थानीय निकाय के चुनाव होने और कांग्रेस पार्टी के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस बार दिल्ली में जोरदार बहुमत से सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी पहली बार चुनाव लड़ने जा रही है. पहले भी दिल्ली में कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने में आम आदमी पार्टी ने अहम भूमिका निभाई थी. विधानसभा में पहली बार कांग्रेस पार्टी का एक भी प्रत्याशी नहीं पहुंचा और बीजेपी को केवल तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ा था.

आम आदमी पार्टी की पहली सूची के बाद दिल्ली में बीजेपी और कांग्रेस भी टिकट बंटवारे को लेकर काफी सचेत हो गए हैं. कांग्रेस पार्टी के सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी ने इस बार केवल बीजेपी को ही निशाने रखने का फैसला नहीं किया है बल्कि आम आदमी पार्टी पर भी उतने ही तीखे हमले होंगे. जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के तीनों नगर निगमों में पिछले 10 सालों से बीजेपी का कब्जा है.

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देश की राजनीति को देखकर यह साफ हो रहा है कि जहां जहां नई पार्टी आम आदमी पार्टी ने अपनी पैठ बनाई वहां पर कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. पंजाब, गोवा और दिल्ली में यह साफ है.

कांग्रेस पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन इस संबंध में अपने करीबियों से विचार विमर्श कर रहे हैं. वैसे कांग्रेस नेतृत्व इस बात से थोड़ी राहत महसूस कर रहा है कि पिछले कुछ महीनों में अजय माकन ने प्रदेश संगठन को आप के खिलाफ मुख्य विरोधी के रूप में पेश करने की पूरी कोशिश की है. कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी उत्साहित है. इस बात का पता ऐसे पता चलता है कि इस बार करीब 12 हजार पार्टी कार्यकर्ताओं ने टिकट पाने के लिए आवेदन दिया है.

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