उतार प्रदेश चुनाव 2017 : मुसलमानों को टिकट क्यों नहीं देती बीजेपी?

उत्तर प्रदेश बीजेपी में टिकट बंटवारे को लेकर इस समय घमासान मचा हुआ है. आरोप हैं कि टिकट बंटवारे में दूसरी पार्टियों से आने वालों और बड़े नेताओं के रिश्तेदारों को जमकर टिकट बांटे गए हैं. यही नहीं, कथित तौर पर बाहुबलियों से लेकर रईस लोगों तक को टिकट दिए गए.

यानी टिकट बँटवारे में जाति, क्षेत्र और समुदाय जैसे समीकरणों को लेकर भी खूब गुणा भाग किया गया लेकिन 371 सीटों पर बीजेपी को अल्पसंख्यक समुदाय से एक भी उम्मीदवार टिकट मिलने की योग्यता नहीं साबित कर पाया, ये थोड़ा हैरान करने वाला है.

पार्टी ने 371 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया है, क़रीब 20 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ रही है और अब कुछ ही सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा बची है.
मुस्लिम समुदाय के लोगों को टिकट न देने की वजह पर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी कहते हैं कि बीजेपी दिखावे वाला काम नहीं करती है, बल्कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ की मूल भावना के साथ काम करती है.

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अंसारी कहते हैं, “यह सही है कि बीजेपी के साथ अभी भी मुस्लिम समुदाय के लोग ज़्यादा संख्या में नहीं जुड़े हैं लेकिन टिकट न देने से उसका संबंध नहीं है. सिर्फ़ टिकट देना ही सब कुछ नहीं है बल्कि जो भी जीतकर आएं, वो सबके लिए काम करें, ऐसी हमारी पार्टी की नीति है.”

बहरहाल, बीजेपी ने मंगलवार को भी 67 उम्मीदवारों की सूची जारी की जिसमें बीएसपी से आए स्वामी प्रसाद मौर्य को भी टिकट मिल गया. इससे पहले उनके बेटे को भी टिकट दिया जा चुका है.
टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी में कई जगह असंतोष की आवाज़े सुनाई दे रही हैं. कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने और कई ने तो पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनौती देने और चुनाव लड़ने की भी घोषणा कर रखी है.

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