जानिए कैसे होता है अमेरिकी राष्‍ट्रपति का चुनाव…

आखिर कैसा है अमेरिकी लोकतंत्र और कैसे होते हैं वहां चुनाव। आइए, जानते हैं दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र के बारे में….

अमेरिकी संसद : अमेरिका में इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी जोरों पर हैं। ऐसे में हम आज हम आपको बताएंगे अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया कैसे होती है।भारत की तरह अमेरिकी संसद में भी दो सदन होते हैं। पहला हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव जिसे प्रतिनिधि सभा भी कहा जाता है। इसके सदस्यों की संख्या 435 है। दूसरे सदन सीनेट में 100 सदस्य होते हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिका के 51वें राज्य कोलंबिया से तीन सदस्य आते हैं। इस तरह संसद में कुल 538 सदस्य होते हैं।

योग्यता : अमेरिका में राष्ट्रपति बनने के लिए आवश्यक है कि व्यक्ति का जन्म अमेरिका में हुआ हो और वह 14 साल से देश में रह रहा हो। उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही राष्ट्रपति को अंग्रेजी भाषा आना भी आवश्यक है। राष्ट्रपति का चुनाव 538 इलेक्टर्स करते हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए कम से कम 270 इलेक्टोरल मत हासिल करना आवश्यक होता है। अमेरिकी कानून के मुताबिक राष्ट्रपति पद के दो कार्यकाल के बाद कोई भी व्यक्ति तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकता।

अमेरिकी राष्ट्रपति की चुनाव प्रक्रिया…

अमेरिका के संविधान के अनुच्छेद 2 में राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया के बारे में जिक्र है। अमेरिकी संविधान में ‘इलेक्टोरल कॉलेज’ के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव की व्यवस्था है। यह विधि तब वजूद में आई जब अमेरिका के संविधान निर्माताओं को दो धड़ों के बीच समझौता हुआ। अमेरिकी संविधान निर्माताओं का एक धड़ा इस पक्ष में था कि अमेरिकी संसद को राष्ट्रपति चुनने का अधिकार मिले। वहीं, दूसरा धड़ा जनता की सीधी वोटिंग के जरिए राष्ट्रपति चुने जाने के हक में था। ‘इलेक्टोरल कॉलेज’ को इन दोनों धड़ों की अपेक्षाओं की बीच की एक कड़ी माना गया।

 

अमेरिका में दो राजनीतिक पार्टियों की व्यवस्था है। वहां चुनाव हर चार साल में एक बार होते हैं। राष्ट्रपति बनने की आकांक्षा रखने वाले उम्मीदवार सबसे पहले एक समिति बनाते हैं, जो चंदा इकट्ठा करने और संबंधित नेता के प्रति जनता का रुख भांपने का काम करती है। कई बार यह प्रक्रिया चुनाव से दो साल पहले ही शुरू हो जाती है।

औपचारिक तौर पर चुनावी साल में चुनाव प्रक्रिया ‘प्राइमरी’ के साथ जनवरी में शुरु होती है और जून तक चलती है। इस दौर में पार्टी अपने उन उम्मीदवारों की सूची जारी करती है, जो राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में उतरना चाहते हैं। इसके बाद दूसरे दौर में अमेरिका के 50 राज्यों के वोटर पार्टी प्रतिनिधि ( पार्टी डेलिगेट) चुनते हैं।

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अमेरिकी संविधान प्राइमरी स्तर पर पार्टी प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया में कोई लिखित निर्देश नहीं देता है। यही वजह है कि कुछ राज्यों में जनता ‘प्राइमरी’ दौर में मतदान का इस्तेमाल न करके ‘कॉकस’ के जरिए पार्टी प्रतिनिधि का चुनाव करती है। ‘कॉकस’ के तहत राज्यों में स्थानीय स्तर पर बैठक कर पार्टी प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाता है।

प्राइमरी में चुने गए पार्टी प्रतिनिधि दूसरे दौर में पार्टी के सम्मेलन (कन्वेंशन) में हिस्सा लेते हैं। कन्वेनशन में ये प्रतिनिधि पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चुनाव करते हैं। इसी दौर में नामांकन की प्रक्रिया होती है। राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार अपनी पार्टी की ओर से उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनता है।

तीसरे दौर की शुरुआत चुनाव प्रचार से होती है। इसमें अलग-अलग पार्टी के उम्मीदवार मतदाताओं का समर्थन जुटाने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान उम्मीदवारों के बीच टेलीविजन पर इस मामले से जुड़े मुद्दों पर बहस भी होती है। आखिरी हफ्ते में, उम्मीदवार अपनी पूरी ताकत ‘स्विंग स्टे्टस’ को लुभाने में झोंकते हैं। ‘स्विंग स्टे्टस’ वे राज्य होते हैं, जहां के मतदाता किसी भी पक्ष की ओर जा सकते हैं।

चुनाव की अंतिम प्रक्रिया में ‘इलेक्टोरल कॉलेज’ राष्ट्रपति पद के लिए मतदान करता है। लेकिन इससे पहले राज्यों के मतदाता इलेक्टर चुनते हैं, जो राष्ट्रपति पद के किसी न किसी उम्मीदवार का समर्थक होता है। ये इलेक्टर एक ‘इलेक्टोरल कॉलेज’ बनाते हैं, जिसमें कुल 538 सदस्य होते हैं। ‘इलेक्टर’ चुनने के साथ ही आम जनता के लिए चुनाव खत्म हो जाता है। अंत में ‘इलेक्टोरल कॉलेज’ के सदस्य मतदान के जरिए अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए कम से कम 270 इलेक्टोरल मत जरुरी होते हैं।

हर राज्य का इलेक्टर चुनने का कोटा तय होता है। यह संख्या हर राज्य से अमेरिकी संसद के दोनों सदनों-हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सेनेट के सदस्यों की कुल संख्या के बराबर होती है। इसलिए हर राज्य के इलेक्टरों की संख्या में अंतर होता है। चुनाव के लिए भी दिन निश्चित होता है। ‘इलेक्टोरल कॉलेज’ राष्ट्रपति पद के लिए चुनावी साल के नवंबर महीने में पड़ने वाले पहले सोमवार के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को मतदान करता है।

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