
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रगति पोर्टल (PRAGATI Portal) यानी प्रो एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्पलीमेंटेशन की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि, प्रगति पोर्टल एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है।
इससे लोगों की जिम्मेदारी तय हुई है। सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय सुधार में भी अहम रोल अदा किया है। पहले जिस प्रोजेक्ट में वर्षों लगते थे, उसमें महीने , फिर दिन में काम हुआ। प्रगति पोर्टल इस परिवर्तन का आधार रहा है। इसके तहत सभी विभाग एक साथ बैठते हैं, एक-दूसरे से बात करके समस्याओं को हल करते हैं।
प्रगति के माध्यम से 97 फीसदी समस्याओं के निदान का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। हर योजना का लाभ आमजन तक पहुंचे, पीएम मोदी के इस विजन को इसके माध्यम से गति मिली है। 2014 के पहले प्रोजेक्ट स्वीकृत तो होते थे, लेकिन कंप्लीट नहीं होते थे। आज हर प्रोजेक्ट के शुरुआत के साथ ही उसके पूरा होने का समय निर्धारित हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो पर दृष्टि डालें, तो इस अवधि में कुल ₹10 लाख 48 हजार करोड़ की लागत वाली 330 परियोजनाओं के साथ प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो है। प्रगति ने आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों के साथ-साथ पॉजिटिव गवर्नेंस को भी एक नई दिशा दी है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यदि हम इस मॉडल को देखें, तो यह वास्तव में एक गेम-चेंजर साबित हुआ है।



