दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा में भूल से न करें यह गलतियां

नई दिल्ली। दीपावली पर्व पर हर घर में माता लक्ष्मी की पूजा होती है। लोग विधि विधान में पूजा अर्चना कर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने की कोशिश करते है। लेकिन यदि पूजन के दौरान कुछ ऐसा कर दिया जो देवी या देवता को नापसंद हो तो वे भक्त से नाराज भी हो सकते हैं। हालांकि यह बात कहां तक सच है यह कोई नही जानता। लेकिन हम तो यहीं चाहेंगे कि भगवान की पूजा में कोई विघ्न न आए। इसलिए हम आपकों बताते है दीपावली पर माता की पूजा में यह गलतियां तो बिल्कुल न करें। मां लक्ष्मी सुहागिन हैं इसलिए भूलकर भी उन्हें सफेद रंग के फूल न चढ़ाएं। देवी कमला को कमल के ही पुष्प अर्पित करें। मां लक्ष्मी की मूर्ति को सफेद रंग के कपड़े पर न रखें। साथ ही किसी सफेद या काले रंग के कपड़े का भी पूजन के दौरान इस्तेमाल न करें। मूर्ति रखने के लिए भी लाल रंग के कपड़े का इस्तेमाल करें क्योंकि ये सुहाग का प्रतीक है। दिवाली पर होने वाले लक्ष्मी पूजन में भूलकर भी तुलसी का पत्ता न रखें। भोग भी इसके साथ न लगाएं। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं। इसके पीछे कारण यह है कि विष्णु जी को तुलसी प्रिय हैं और उन्हीं के शालिग्राम स्वरुप से उनका विवाह भी हुआ है। इस नाते तुलसी देवी लक्ष्मी की सौतन हैं इसलिए तुलसी या तुलसी मंजरी लक्ष्मी जी को अर्पित नहीं की जाती है।

लक्ष्मी पूजन के दौरान कोशिश करें कि जो दीया लगाएं उसे मूर्ति के दाईं तरफ रखें। भगवान विष्णु पूरे संसार में रोशनी फैलाते हैं और उनका स्थान लक्ष्मी जी के दाईं तरफ है। बाईं तरफ तो स्वयं देवी लक्ष्मी का स्थान होता है। इसलिए दीये को इसी जगह रखें और दीये में सफेद बाती लगाने के बजाय लाल बाती लगाएं। पंचरंगी लच्छे से भी बाती बनाकर दीपक लगा सकते हैं। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन तब तक सम्पूर्ण नहीं है जबतक विष्णु जी का पूजन न हो। देवी लक्ष्मी विष्णु जी की पत्नी हैं तो यदि आप विष्णु जी की आराधना करते हैं तो यह तो तय बात है कि देवी लक्ष्मी भी साथ ही आएंगी। कोशिश करें कि देवी लक्ष्मी और विष्णु जी का पूजन साथ ही करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होंगी और पूरे साल आपके घर में वैभव और खुशहाली रहेगी।

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