अगले दो महीने नही होंगे मांगलिक कार्यक्रम, नवंबर-दिसंबर में विवाह के लिए हैं सिर्फ 8 शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में विवाह हों या और कोई मांगलिक कार्यक्रम, सभी संस्कार शुभ मुहूर्त के अनुसार से ही किए जाते हैं। कहा जाता है कि हर किसी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पल होता है और वो कार्य उसी पल में हो तो उसका जीवन सफल रहता है। मुहूर्त, नक्षत्र को देखकर ही शादी विवाह तय किया जाता है। भारतीय संस्कृति में शादी को सबसे पवित्र बंधन माना जाता है। विवाह के बंधन में बंधते समय जीवनसाथी सात जन्मों तक एक होने का वादा करते हैं। साल 2020 में जहां विवाह का पहला शुभ मुहूर्त 18 जनवरी 2020 को था, तो वहीं आखिरी शुभ मुहूर्त 11 दिसंबर 2020 को है।

साल 2020 के अंत महीनों के विवाह शुभ मुहूर्त-

27 नवंबर, शुक्र कार्तिक शु. द्वादशी अश्विनी नक्षत्र
29 नवंबर, रवि कार्तिक शु. चतुर्दशी रोहिणी नक्षत्र
30 नवंबर, सोम कार्तिक पूर्णिमा रोहिणी नक्षत्र
1 दिसंबर, मंगल मार्गशीर्ष कृ. प्रतिपदा रोहिणी नक्षत्र
7 दिसंबर, सोम मार्गशीर्ष कृ. सप्तमी मघा नक्षत्र
9 दिसंबर, बुध मार्गशीर्ष कृ. नवमी हस्त नक्षत्र
10 दिसंबर, गुरु मार्गशीर्ष कृ. दशमी चित्रा नक्षत्र
11 दिसंबर, शुक्र मार्गशीर्ष कृ. एकादशी चित्रा नक्षत्र

शुभ नक्षत्र-

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ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, शुभ मुहूर्त में विवाह करने से दांपत्य जीवन सुखों से भरा रहता है। विवाह के लिए हस्त, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़, उत्तराभाद्रपद, स्वाति, मघा, मूल, अनुराधा, मृगशिरा, रेवती, रोहिणी नक्षत्र शुभ बताए गए हैं।

उत्तम माह

विवाह के लिए शुभ माह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, मार्गशीर्ष माने गए हैं। कहा जाता है कि इन महीनों में ब्याह करने से दांपत्य जीवन सुखी रहता है।

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