UA-128663252-1

नवरात्रि व्रत करने वाले को नही होती धन, सुख की कमी

नई दिल्ली। इस बार नवरात्रि 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। 17 से लेकर 25 अक्टूबर तक माता रानी के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाएगी। मां के नौ रूपों की पूजा करने से अधिक लाभ प्राप्त होता है और मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है। मां के नौ स्वरूप है : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री । मान्यता है कि नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है पहली चैत्र मास की शुक्ल पक्ष और दूसरी उसके छह महीने बाद अश्विन मास के शुक्ल पक्ष पर। इन नवरात्रों में लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति संचय करने के लिए अनेक प्रकार के व्रत, संयम, नियम, यज्ञ, भजन, पूजन, योग-साधना आदि करते हैं। नवरात्रि में व्रत रखने और पूजा करने का बहुत महत्व होता है। यदि कोई व्यक्ति नवरात्रों में पूरी श्रद्धा से व्रत रखता है तो व्यक्ति की अंतरात्मा की सफ़ाई हो जाती है और सभी पापों की माफी मिल जाती है। नवरात्रों में मांस और मदिरा ग्रहण करना बिल्कुल वर्जित होता है। माता की उपासना करने से और नौ दिनो तक अखंड ज्योति लगाने से माता की कृपा बनी रहती है। उस व्यक्ति को कभी धन और सुख की कमी नहीं होती।

17 से 25 अक्टूबर तक इस दिन करें मां के इस स्वरूप की पूजा:
17 अक्टूबर – मां शैलपुत्री की पूजा
18 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
19 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा की पूजा
20 अक्टूबर- मां कुष्मांडा की पूजा
21 अक्टूबर- मां स्कंदमाता की पूजा
22 अक्टूबर- मां कात्यायनी की पूजा
23 अक्टूबर- मां कालरात्रि की पूजा
24 अक्टूबर- मां महागौरी दुर्गा की पूजा
25 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री की पूजा

Gyan Dairy
Share