इस मंदिर में समस्त बाधाओं से मिलती है मुक्ति, मूर्ति पर चढ़ाते ही बदल जाता है दूध का रंग

नई दिल्ली। हमारे देश में कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक हजारों शिव मंदिर हैं, जिनका अपना—अपना महात्म्य है। आज हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वह नौ गृहों में से एक केतु को समर्पित है। यह मंदिर दक्षिण भारत के केरल राज्य के कीजापेरूमपल्लम गांव में स्थित है। इसे नागनाथस्वामी मंदिर या केति स्थल के नाम से जाना जाता है। कावेरी नदी के तट पर बनीं इस मंदिर के पीछे का रहस्य ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

ये मंदिर केतु को समर्पित है लेकिन मंदिर के प्रमुख देवता शिवजी हैं। इसी वजह से ये नागनाथ स्वामी के नाम से भी प्रसिद्ध है। इस मंदिर में राहु के ऊपर दूध चढ़ाने दूर-दूर से लोग आते हैं। सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस मंदिर में कुछ लोगों के द्वारा दूध चढ़ाने पर उस दूध का रंग बदलकर नीला हो जाता है।

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इस बारे में लोगों की ऐसी मान्यता है कि जो लोग केतु ग्रह के दोष से पीडि़त होते हैं केवल उनके द्वारा चढ़ाया गया दूध ही अपना रंग बदल देता है। केति स्थल से संबंधित एक पौराणिक कथा यहां लोगों के बीच काफी मशहूर है। कहा जाता है कि एक बार एक ऋषि के श्राप से मुक्त होने के लिए केतु ने शिव की आराधना प्रारंभ की। शिवजी केतु की तपस्या से खुश हुए और किसी एक शिवरात्रि के दिन उन्होंने केतु को ऋषि के श्राप से मुक्ति दिलाई।

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