शब-ए-बारात: लॉक डाउन में कैसे करें अल्लाह की इबादत

नई दिल्ली। लॉक डाउन की वजह से आजकल मंदिर और मस्जिद बंद हैं, इसकी वजह से हिंदू धर्म के लोगों को घरों में ही पूंजा अर्चना करना पड़ता है वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों को घरों में ही नमाज पढ़ती पड़ रही है। वहीं आज शब-ए-बारात शुरू हो रही है जो कल यानी 9 अप्रैल तक रहेगी। इस्लाम धर्म में शब-ए-बारात को अल्लाह की इबादत की रात माना जाता है।

इस्लाम धर्म में इस दिन लोग पूरी रात अल्लाह की इबादत में बिताते हैं। इस्लाम में इस रात को काफी पाक माना जाता है। ‘शब-ए-बारात’ के दिन नमाज पढी जाती है। इस दिन नफल व तहजूद की नमाज मुख्य रूप से पढ़ी जाती है।

शब-ए-बारात पर इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग अल्लाह से गुनाहों की तौबा करते हैं और अपने हक में दुआ मांगते हैं। अरबी भाषा में ‘ शब-ए-बारात’ को ‘लैलतुन निसफे मीन शाबान’ या ‘लैलतुल बराह’ कहा जाता है। हिजरी कैलेंडर के मुताबिक़, शब-ए-बारात साल में एकबार शाबान महीने की 14 तारीख को सूर्यास्त के बाद शुरु होती है।

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‘शब-ए-बरात’ 9 अप्रैल 2020 को मनाई जाएगी। शब-ए-बरात इस बार लॉकडाउन जाएगी, इसके चलते योगी कैबिनेट के मंत्री मुस्लिम वक़्फ़ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने अपील की है कि इस बार अपने घर पर रह कर दुआ करें और सोशल डिस्टेंसिंग और इससे जुड़े सभी निर्देशों का पालन करें। शब-ए-बारात के दिन कब्रिस्तान और धार्मिक स्थान पर जाने से लोग बचें।

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