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नकारात्मक शक्तियों को निष्क्रिय करती है पशु-पक्षियों की आवाज

नई दिल्ली। जीव—जन्तुओं का स्थान मानव जीवन में महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि जीव—जंतुओं की आवाज से नकारात्मक शक्तियां निष्क्रिय हो जाती है। तो हमें अपने आस—पास रहने वाले जीव—जंतुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वास्तुशास्त्र में भी पशु—पक्षियों, जीव—जंतुओं को शुभ बताया गया है। भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए गाय पालना उत्तम माना गया है। हर दिन गाय को रोटी खिलानी चाहिए। गाय की सेवा करने से पितरों को तृप्ति मिलती है। घर में क्लेश रहता है तो चिड़िया को दाना खिलाने से जीवन में खुशियां लौट आती हैं। पशु पक्षियों में अनिष्ट तत्वों को काबू में रखने की अद्भुत शक्ति होती है। किसी भी अनिष्ट से बचने के लिए गोदान को सबसे उत्तम माना जाता है। अगर सफलता पाने की चाह है तो अपने घर में गरुड़ की मूर्ति या फोटो रखें।

यह भी मान्यता है कि जिस भूभाग पर मकान बनाना हो वहां पंद्रह दिन गाय-बछड़ा बांध दें। इससे यह जगह पवित्र हो जाती है।व्यापार करने वालों को प्रतिदिन पक्षियों को दाना अवश्य डालना चाहिए। इससे आर्थिक मामलों में लाभ होता है। गिलहरियों को रोटी खिलाने से हर कठिनाई से आसानी से मुक्ति मिल जाती है। घर में तोता पालना भी शुभ माना जाता है। मछलियों को पालने और इन्हें आटे की गोलियां खिलाने से अनेक दोष दूर होते हैं। माना जाता है कि पालतू कुत्ता, घर के रोगी सदस्य की बीमारी अपने ऊपर ले लेता है। यह भी मान्यता है कि गुरुवार को हाथी को केले खिलाने से नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाते हैं।

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