शिवा शर्मा केस: हजरतगंज कोतवाली में हाथ हिलाती दिखी श्रद्धा दुबे, वीडियो वायरल

कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में प्रवेश करते समय हाथ हिलाती नजर आ रही है। उसके इस अंदाज की तुलना रैंप वॉक के दौरान शो-स्टॉपर के अभिवादन से की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस वाहन में बैठने को लेकर भी श्रद्धा चर्चा में है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने श्रद्धा दुबे को उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश के साथ नागपुर से गिरफ्तार किया था। बुधवार को पुलिस तीनों को लखनऊ लेकर पहुंची और हजरतगंज कोतवाली ले गई। यहां उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किए जाने हैं। मेडिकल जांच के बाद तीनों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया है। सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
बुर्का पहनकर पुलिस से बचने की कोशिश का दावा
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा गिरफ्तारी से बचने के लिए बुर्का पहनकर रहती थी। वह टैक्सी से सफर करती थी और किसी एक जगह पर लंबे समय तक नहीं रुकती थी। एडीजी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा गाड़ी की पिछली सीट पर बैठने से इनकार कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह आगे बैठना चाहती थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पीछे बैठाया।
11 दिन से फरार थी मॉडल
शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश करीब 11 दिन से फरार थे। पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को रंजना शर्मा की लिखित शिकायत पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से तीनों की तलाश की जा रही थी।
पुलिस का दावा है कि फरारी के दौरान श्रद्धा लखनऊ से सीतापुर होते हुए बहराइच के रास्ते नेपाल पहुंच गई थी। 18 अक्टूबर को उसके उत्तर प्रदेश लौटने की जानकारी मिली थी। इसके बाद तलाश तेज की गई और मंगलवार को नागपुर से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
शिवा की मौत को लेकर श्रद्धा का अलग दावा
एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि श्रद्धा को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर लखनऊ की अदालत में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर, श्रद्धा ने एक इंटरव्यू में शिवा की हत्या करने के आरोप से इनकार किया था। उसका कहना था कि शिवा उसकी आंखों के सामने इमारत की चौथी मंजिल से कूदा था। फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।

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