चेन्नई में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ रचा था इतिहास 1952 और 1962 में

भारत और इंग्लैंड के बीच मौजूदा सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच कल चेन्नई में खेला जाएगा, 3-0 से भारत इस सीरीज में आगे है. अगर भारत आखिरी टेस्ट जीत जाता है तो चेन्नई में कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया वह रिकॉर्ड कायम करेगी जो पहले किसी दूसरे की कप्तानी में कायम नहीं हुआ है. यह पहली बार होगा जब इंग्लैंड के खिलाफ भारत किसी भी टेस्ट सीरीज को 4-0 से जीतने में कामयाब होगा. आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ है जब इंग्लैंड के खिलाफ भारत किसी भी टेस्ट सीरीज में चार मैच जीता हो.

india-vs-new-zealand

सन 1952 की बात है. पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड ने भारत का दौरा किया. यह उम्मीद की जा रही थी कि पहले की तरह भारत इंग्लैंड के खिलाफ बुरी तरह हारेगा. 2 नवंबर को दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच दिल्ली में खेला गया और भारत इस मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब हुआ. यह पहली बार हुआ था जब भारत कोई टेस्ट मैच ड्रॉ कराने में कामयाब हुआ था. दूसरा ओर तीसरा टेस्ट भी ड्रॉ रहा. चौथा टेस्ट मैच इंग्लैंड जीतने में कामयाब हुआ. अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच खेला जाने वाला था. 6 फरवरी 1952 को चेन्नई में दोनों टीमों के बीच इस सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच हुआ.

चेन्नई भारत के लिए हमेशा भाग्यशाली रहा है. चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने दो बार इतिहास रचा है. इंग्लैंड और भारत के बीच पहला टेस्ट मैच 1932 में खेला गया था. शुरुआती दौर में भारत बहुत कमजोर टीम मानी जाती थी. इंग्लैंड जैसी शानदार टीम के खिलाफ मैच जीतना आसान नहीं था. इसीलिए 1932 से लेकर 1952 के बीच इंग्लैंड के खिलाफ भारत 14 टेस्ट मैच खेला था लेकिन एक भी मैच जीत नहीं पाया था. लेकिन 6 फरवरी 1952 को विजय हजारे की कप्तानी में भारत ने चेन्नई में इतिहास रचा था. इंग्लैंड के खिलाफ भारत अपना पहला टेस्ट मैच जीतने में कामयाब हुआ था.

सन 1932 से लेकर 1959 के बीच दोनों टीमों के बीच सात टेस्ट सीरीज खेली गईं, जिसमें छह सीरीज इंग्लैंड ने अपने नाम कीं जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही थी. फिर 1961-62 में इंग्लैंड टीम पांच टेस्ट मैच खेलने के लिए भारत आई. दोनों टीमों के बीच आखिरी टेस्ट मैच 10 जनवरी 1962 को चेन्नई (मद्रास) में प्रारंभ हुआ था. टॉस जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान नरी कॉन्ट्रेक्टर ने बल्लेबाजी का निर्णय लिया. पहले बैटिंग करते हुए भारत ने अपनी पहली पारी में 428 रन बनाए थे. भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज के रूप में कप्तान कॉन्ट्रेक्टर ने 86 रन की पारी खेली जबकि मंसूर अली खान पटौदी ने 103 रन बनाए. पटौदी के टेस्ट करियर का यह तीसरा मैच था. भारत के स्पिनर सलीम दुर्रानी की शानदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज टिक नहीं पाए और इंग्लैंड पहली पारी में सिर्फ 281 रन ही बना पाया था. दुर्रानी इंग्लैंड की पहली पारी के छह विकेट लेने में सफल रहे थे.

Gyan Dairy

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड अपनी पहली पारी में सिर्फ 266 रन बना पाया. वीनू माकड़ शानदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की पहली पारी के आठ विकेट लेने में कामयाब हुए. भारत ने अपनी पहली पारी में पंकज रॉय और पल्ली उमरीगर के शानदार शतकों के बदौलत 457 रन बनाए. पंकज रॉय ने 111 और उमरीगर ने 130 रन बनाए थे. इंग्लैंड पहली पारी के आधार पर भारत से 191 रन पीछे था और उसके ऊपर काफी दबाव था. अब भारत को कैसे भी हो यह मैच जीतकर पहला टेस्ट जीतने का रिकॉर्ड बनाना था.

इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी शुरू की और पूरी टीम सिर्फ 183 रन पर सिमट गई. इस तरह भारत ने इस मैच को एक पारी और आठ रन से जीत लिया. इंग्लैंड के खिलाफ पहला मैच जीतना भारत के लिए बहुत बड़ी बात थी. आजादी के बाद इंग्लैंड के खिलाफ यह जीत भारत के लिए काफी मायने रखती थी. वीनू माकड़ ने शानदार गेंदबाजी की और इंग्लैंड की दूसरी पारी के चार विकेट लेने में कामयाब हुए थे. उन्होंने कुल मिलाकर इस मैच में 12 विकेट लिए थे.

भारत दूसरी पारी में सिर्फ 190 रन पर आउट हो गया था. इस तरह इंग्लैंड के सामने 337 रन का लक्ष्य था लेकिन पूरी टीम सिर्फ 209 रन पर सिमट गई. कॉन्ट्रेक्टर की कप्तानी में भारत ने इस मैच को 127 रन से जीतकर 32 सालों बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीतने का गौरव हासिल किया था. दुर्रानी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटाया था. इस मैच में कुल मिलाकर उन्हें 10 विकेट मिले थे.

Share