मात्र 600 रुपये के चलते क्रिकेटर नहीं बन पाए थे इरफान खान

नई दिल्ली। इरफान खान, एक ऐसा अदाकार, जिसकी अदाकारी का  फिल्म आलोचक भी लोहा मानते रहे हैं। वह आज दुनिया से विदा हो गए। इस कलाकार को दुनिया के कलाप्रेमी हमेशा याद रखेंगे। उनके प्रशंसक उन्हें एक मंझे हुए कलाकार के रूप में जानते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि उनका पहला प्यार क्रिकेट था। महज 600 रुपये न होने की वजह से वह सीके नायडू ट्रोफी में शामिल नहीं हो सके। यह अंडर-23 टूर्नमेंट फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शामिल होने की पहली सीढ़ी माना जाता है।

साल 2014 में टेलीग्राफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में इरफान खान ने इस बात को स्वीकार किया था कि वे जब वे युवा थे तो उनकी क्रिकेटर बनने की इच्छा थी। इरफान खान को बीसीसीआइ के एक घरेलू टूर्नामेंट सीके नायडू ट्रॉफी के लिए भी चुन लिया गया था, लेकिन 600 रुपये न होने के कारण वे इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाए थे। इरफान खान को एक शहर से दूसरे शहर इस क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए जाना था, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे।

क्रिकेटर बनना चाहते थे इरफान

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इरफान से जब ये पूछा गया कि क्या वे कभी क्रिकेट खेले हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “मैंने क्रिकेट खेला है। मैं एक क्रिकेटर बनना चाहता था। मैं एक ऑलराउंडर था और जयपुर की टीम में मैं सबसे युवा था। मुझे लगता है कि सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए मुझे चुना गया था और तब मुझे पैसे की जरूरत थी और पता नहीं था कि किससे पूछना है। उसी दिन मैंने फैसला किया मैं इसे जारी नहीं रख सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं उस समय 600 रुपयों के लिए किसी से नहीं पूछ सकता था। मुझे नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के लिए 300 रुपयों की जरूरत थी, जो कि मेरे लिए कठिन था। आखिरकार मेरी बहन ने मेरे लिए पैसे जुटाए। क्रिकेट को छोड़ना एक सचेत निर्णय था। पूरे देश से सिर्फ 11 खिलाड़ी टीम में खेलते हैं, लेकिन एक्टर्स में कोई लिमिट नहीं है। यहां तक कि एक्टर्स की कोई उम्र नहीं होती। जितनी मेहनत करोगी, उतने आगे बढ़ोगे। आप स्वयं में एक हथियार होते हैं।”

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