ओलिंपिक में देश को कुश्ती में ब्रॉज दिलाने वाली साक्षी मलिक ने अपना जीवन साथी चुन लिया.

रियो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक की रविवार को अपने पहलवान ब्वॉयफ्रेंड सत्यव्रत कादियान से रोहतक स्थित निवास पर सगाई हुई. इस 24 वर्षीय महिला पहलवान ने मीडिया में सत्यव्रत के बारे में बात की थी.सत्यव्रत के पिता सत्यवान पहलवान अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं. उन्होंने कहा, ‘यह निजी कार्यक्रम था. केवल लड़के और लड़की के पारिवारिक सदस्यों ने इसमें शिरकत की और यह बहुत बढ़िया रहा.’ यह शगाई की रस्म साक्षी के घर पर रोहतक सेक्टर 4 में हुई. दोनों दिसंबर तक शादी के बंधन में बंध तक सकते हैं. अभी शादी की तारीख तय नहीं हुई हुई है. शगाई के अवसर पर दोनों के परिवार मौजूद थे.

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सत्यव्रत 22 साल के हैं और साक्षी से दो साल छोटे हैं. वह अपने पिता के रोहतक के अखाड़े में ट्रेनिंग करते हैं और 2010 यूथ ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं. दोनों के बीच कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान प्यार हु2014 में हम ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने गए थे। भारतीय पहलवानों ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया।मैंने और साक्षी ने सिल्वर मेडल जीता। लेकिन साक्षी गोल्ड न जीत पाने के कारण निराश थीं। एक पहलवान होने के नाते हमारी सामान्य जान पहचान थी, सो मैंने साक्षी को समझाया और कहा कि हर हार हमें कुछ सिखाती है, हमारी मंजिल राष्ट्रमंडल खेल नहीं आेलिंपिक है।मेरी यह बात साक्षी के दिल को छू गई। उनमें एक नया उत्साह सा आ गया। हम खुशी-खुशी वहां से लौटे। लेकिन धीरे-धीरे सामान्य सी जान पहचान गहरी दोस्ती में बदल गई।फिर हम इंटरनेशनल चैंपियनशिप में साथ-साथ जाने लगे। एक दूसरे का साहस बढ़ाते और मेडल जीतते।

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 इस तरह हमारी दोस्ती मजबूत होती गई और फिर हमने एक दूसरे का हमसफर बनने का निर्णय किया। लेकिन उससे पहले हमारा लक्ष्य ओलिंपिक मेडल था। हम रियो में भी साथ होते, लेकिन महज एक सेकेंड से मैं चूक गया।साक्षी ओलिंपिक मेडल जीतने के बाद भी बहुत सहज और सरल है। वह हमेशा जमीन से जुड़ी रहती है। उसका नेचर दूसरों से बिलकुल अलग है।कुश्ती को लेकर उसमें गजब का डेडीकेशन है। वह जो ठान लेती है करके रहती है। अब हमने सगाई कर ली है तो अन्य चैंपियनशिप के लिए ट्रेनिंग साथ-साथ होगी। हमारा ध्येय देश के लिए मेडल जीतना है।पहले हम 15 दिसंबर से शुरू हो रही प्रो कुश्ती लीग में खेलेंगे। फिर राष्ट्रमंडल खेल 2018 और 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए मेहनत करेंगे।’
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