आईपीएल में इस खिलाड़ी की नही लगी बोली, अपने प्रदर्शन से दिया करारा जवाब

भारत के लिए 9 टेस्ट मैच खेल चुके झारखंड के तेज गेंदबाज वरुण एरॉन को दो दिन पहले बेंगलुरु में हुई इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में नहीं लिया गया. और शनिवार से शुरू हुयी विजय हजारे ट्रॉफी के पहले ही मुकाबले में वरुण एरॉन ने अपने प्रदर्शन से सभी फ्रेंचाइजी टीमों को यह दिखा दिया कि वह नीलामी में बेहतर बर्ताव के हकदार थे. नीलामी में वरुण एरॉन के लिए किसी भी टीम ने बोली नहीं लगायी थी और वह बिना बिके रह गए थे.

वास्तव में नीलामी में कई ऐसे खिलाड़ी रहे, जिनके न बिकने पर फैंस को हैरानी हुयी. कई खिलाड़ी ऐसे रहे, जिन्हें ऐसी रकम मिली, जिसके वह शायद हकदार नहीं थे. कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे, जिन्हें उम्मीद से कहीं कम रकम मिली. इन्हें लेकर चर्चा अभी भी जारी है और शनिवार को विजय हजारे ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के खिलाफ प्रदर्शन के बाद चर्चा अब वरुण एरॉन को लेकर भी होगी ही होगी.

कप्तान ईशान किशन के आतिशी 173 रनों से झारखंड में घरेलू क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाते हुए 50 ओवरों में 9 विकेट पर 422 रन का स्कोर खड़ा किया था. और इसके बाद जब मध्य प्रदेश बैटिंग के उतरा, तो वरुण एरॉन ने एमपी की बल्लेबाजी की बुरी तरह से हवा निकाल दी. मध्य प्रदेश की टीम 98 रन के स्कोर पर ढेर हो गयी. और उसे 324 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी.

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और इसके लिए पूरी तरह से वरुण एरॉन जिम्मेदार रहे, जिन्हें एमपी को ढेर करने के लिए अपने कोटे के तकरीबन पांच ही ओवर फेंकने पड़े. वरुण 5.4 ओवरों में 2 मेडेन रखते हुए 37 रन देकर 6 विकेट चटकाए. इस प्रदर्शन से वरुण ने बता दिया कि वह आईपीएल में न बिके जाने से बिल्कुल भी निराश नहीं हैं. वरुण का बेस प्राइस सिर्फ 50 लाख रुपये था और 31 साल के इस गेंदबाज के प्रदर्शन ने साबित किया कि तमाम टीमों के टैलेंट स्काउट मैनेजर वरुण की क्षमता का सही तरीके से आंकलन नहीं कर सके. बहरहाल, वरुण ने इस प्रदर्शन से राष्ट्रीय सेलेक्टरों को मैसेज जरूर दे दिया है कि आगे भारत ए का चयन होता है या सीनियर टीम में अगर कभी मौका बनता है, तो उनकी गेंदों में भरोसा किया जा सकता है.

 

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