लॉर्ड्स की बालकनी में सौरव गांगुली के शर्ट उतारने पर क्या बोले पूर्व क्रिकेटर

भारतीय क्रिकेट टीम में अगर किसी ने सबसे ज्यादा जोश भरा तो वो हैं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली। सौरभ गांगुली को कुछ लोग दादा के नाम से भी जानते हैं। जब भी उनके नाम का जिक्र होता है तो ज्यादातर क्रिकेट फैन्स को लॉर्ड्स की बालकनी में उनका टी-शर्ट निकालकर लहराने वाला किस्सा याद आ जाता है। 2002 नैटवेस्ट ट्रॉफी का फाइनल मैच लॉर्ड्स मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा था और इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 326 रनों का लक्ष्य रखा था। भारत ने तीन गेंद और दो विकेट शेष रहते हुए लक्ष्य हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम की थी। उस समय टीम का हिस्सा रहे अजय रात्रा ने बताया कि गांगुली के शर्ट उतारने के पीछे एक इतिहास भी है।

मैच के बाद गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में टी-शर्ट उतारी थी। रात्रा ने बताया कि इसके पीछे का एक इतिहास है। उन्होंने कहा, ‘इसके पीछे एक इतिहास है। हमने कुछ महीने पहले भारत में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज खेली थी। उस सीरीज में मैंने ईडन गार्डन्स मैदान पर अपना डेब्यू मैच खेला था। सीरीज 3-3 से ड्रॉ हुई थी। एक समय हम 3-1 से आगे थे, लेकिन इंग्लैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर सीरीज ड्रॉ करा ली थी। वानखेड़े में खेले गए मैच में इंग्लैंड की जीत पर फ्लिंटॉफ ने टी-शर्ट उतारकर जश्न मनाया था। वो पल सबको याद रह गया था। हम सभी को पता है कि दादा अग्रेसिव खिलाड़ी हैं। वो चीजों को याद रखते हैं और मौका मिलने पर उसका करारा जवाब देते हैं। तो लॉर्ड्स के मैदान पर फ्लिंटॉफ को दादा ने जबर्दस्त जवाब दिया था। हम टीम के तौर पर काफी अच्छा खेले थे।’

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रात्रा ने कहा, ‘सच कहूं तो वो सबके लिए काफी हैरानी भरा था। कोई युवा क्रिकेटर जैसे कि युवराज सिंह, हरभजन सिंह अगर ऐसा करते तो समझ में आता लेकिन दादा का ऐसा करना सबके लिए अलग था। हर कोई हैरान रह गया था, लेकिन हम सभी बहुत ही खुश थे। उस जीत के बाद जश्न देर रात तक चला था।’ फाइनल मैच के हीरो मोहम्मद कैफ रहे थे, जिन्होंने नॉटआउट 87 रनों की पारी खेली थी।

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