2019 के लिये अमित शाह के इस फार्मूले से मध्यप्रदेश के BJP सांसदों की अटकी सांसे

बीजेपी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. पार्टी ने इसके लिए तेजी से काम शुरू किया है. जिसका आधार पॉलिटिक्स ऑफ परफार्मेंस के एजेंडे को आगे बढाना और बरीयता देना है.

बीजेपी के रणनीतिकारों की मानें, तो 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सांसदों का यही परफार्मेंस उनके टिकट का भी मजबूत आधार बनेगा. साथ ही इससे सांसद की क्षेत्र में सक्रियता और लोगों से जुड़ाव का भी पता चलेगा.

फिलहाल इसके तहत पार्टी ने जो फार्मूला तैयार किया है, उसके तहत प्रत्येक सांसद को विधानसभा चुनाव के दौरान 70 फीसदी से ज्यादा रिजल्ट देना होगा. मध्य प्रदेश के नजरिए से देखे, तो इस फार्मूले के तहत प्रदेश के प्रत्येक सांसद को अपने लोकसभा क्षेत्र की कम से कम 6 सीटों पर जीत दर्ज करानी होगी.

इसी फार्मूले के तहत मध्य प्रदेश सहित आने वाले सभी चुनावी राज्यों में काम करना चाहती है. बता दें कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावो में इसी फार्मूले के तहत प्रत्येक सांसद को अपने लोकसभा क्षेत्र की कम से कम तीन सीटों को जिताने का टारगेट दिया था.

इस दौरान सीएम ने 14 अप्रैल से प्रदेश में शुरू हो रहे ग्रामोदय अभियान में बढ़-चढ़कर शामिल होने को कहा. बता दें कि मुख्यमंत्री जब सांसदों को यह टिप्स दे रहे थे, उस दौरान उनके साथ संगठन महामंत्री सुहाग भगत और प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चौहान भी मौजूद थे.

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पॉलिटिक्स ऑफ परफार्मेंस के फार्मूले पर बात करते हुए मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि पार्टी सांसदों की सोमवार रात दिल्ली में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इससे मिलती जुलती बाते सासंदों से कही. जिसमें उन्होंने पार्टी के सभी सांसदों से संसद सत्र समाप्त होने के बाद क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा समय देने की बात कही.

पार्टी सूत्रों की मानें तो पॉलिटिक्स ऑफ परफार्मेंस का यह फार्मूला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दिमाग की खोज है. जिसका प्रयोग उन्होंने यूपी में भी किया था. बता दे कि इससे पहले भी अमित शाह ने कई मौकों पर पार्टी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा था, कि अब राजनीति में रहना है, तो काम करना होगा.

यानि अगले साल यानि वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा अपने सांसदों को पॉलिटिक्स ऑफ परफार्मेंस फार्मूले के दायरे में लाने की तैयारी में प्रदेश के तमाम सासंदों में हड़कंप मचा है.

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