बिहार विधानसभा : नीतीश कुमार आज साबित करेंगे बहुमत, लालू की पार्टी करेगी हंगामा

बिहार में एनडीए की नई सरकार को आज विधानसभा में बहुमत साबित करना है. इसके लिए सुबह 11 बजे से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. शपथग्रहण से पहले बुधवार देर रात को नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं के साथ राज्यपाल को 132 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था, जिसमें जेडीयू के 71, बीजेपी के 53, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के 2, एलजेपी के 2, जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ के 1 और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं.

आरजेडी के नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि नीतीश को हमने एक मत से अपना नेता चुना था. लेकिन अंतरात्मा की पुकार पर बिना परामर्श किए उन्होंने गठबंधन तोड़ दिया और बाद में परमात्मा की पुकार पर बीजेपी की गोद में बैठ गए. नीतीश ने जो किया वह जनादेश का अपमान, लोगों ने इसका बुरा माना. हम विश्वास प्रस्ताव का घोर विरोध करेंगे, हम गुप्त मतदान की मांग करते हैं.

243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है, ऐसे में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार आसानी से विश्वासमत हासिल करती दिख रही है, हालांकि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार बनाने का न्योता नहीं मिलने से नाराज़ आरजेडी सदन में नीतीश कुमार के विश्वासमत में रोड़ा अटकाने की तैयारी में है. लालू ने दावा किया है कि जेडीयू के कई विधायक उनके संपर्क में हैं. ऐसे में विश्वासमत के दौरान हंगामे के पूरे आसार हैं.

बिहार विधानसभा

कुल सीटें: 243
जेडीयू- 71
आरजेडी-80
कांग्रेस-27

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बीजेपी-53
एलजेपी-02
आरएलएसपी-02
हम-01

सीपीआई-एमएल-03
निर्दलीय-04
बहुमत का आंकड़ा- 122

उल्‍लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने बुधवार की शाम मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके साथ ही 20 महीने पुरानी महागठबंधन सरकार अचानक गिर गई. भाजपा के समर्थन से गुरुवार को नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वह छठी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं. वहीं, भाजपा के सुशील कुमार मोदी ने उप मुख्‍यमंत्री शपथ ली.

नीतीश के इस्तीफे का कारण राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी के साथ नीतीश की तनातनी को माना जा रहा है. जदयू का कहना है कि तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, लेकिन नीतीश के कहने के बावजूद उन्होंने इन आरोपों का तथ्यात्मक जवाब नहीं दिया. वहीं, लालू का कहना है कि आरोप निराधार है, तेजस्वी सीबीआई को जवाब देंगे, नीतीश सीबीआई के निदेशक नहीं हैं. जबकि नीतीश का कहना है कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा दिया.

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