बिहार चुनाव: रालोसपा की महागठबंधन के बाद NDA से भी नहीं बनी बात, अब बनाएगा तीसरा मोर्चा

 

पटना। बिहार में बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, सभी पार्टियां गठबंधन बनाने में लगी हैं। रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की सीटों के मुद्दे को लेकर महागठबंधन के बाद एनडीए से भी बात नहीं बन पाई। मंगलवार को उपेंद्र कुशवाहा ने बीएसपी और जनवादी सोशलिस्ट पार्टी के साथ मिलकर नया मोर्चा बनाया।

इस मौके पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आरजेडी और नीतीश सरकार दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, इसलिए बिहार की जनता को अब एक नए विकल्प की आवश्यकता है। उपेंद्र ने कहा कि पिछले 30 सालों से बिहार में जंगलराज कायम है।

कुशवाहा ने कहा कि 15 साल पहले और आज के 15 साल वाले दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कुशवाहा ने इशारों-इशारों में तेजस्वी पर बड़ा अटैक किया है। कुशवाहा ने कहा है कि महागठबंधन में भी भाजपा का दखल है। कुशवाहा का कहना है कि ऐसी चर्चा है कि किसी न किसी रूप में भाजपा महागठबंधन में भी अपनी पकड़ रखती है।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार 15 साल पहले की चर्चा करते हैं, अपने काम का नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि लालू राज से तुलना कर फिर से सत्ता में आना चाहते हैं नीतीश कुमार। कुशवाहा ने महागठबंधन को फेल बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार फेल स्टूडेंट से प्रतियोगिता करना चाहते हैं।

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बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा दो-तीन दिन के दिल्ली प्रवास के बाद सोमवार को पटना पहुंचे। महागठबंधन से दूरियां बढ़ने के बाद एनडीए के अलावा वे अब तीसरे मोर्चे की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं। इसी क्रम में वे दोपहर में बसपा के राज्य कार्यालय भी गए। वहां उपेंद्र कुशवाहा की मुकेश सहनी और जाप नेताओं से भी उनकी बात हुई। शाम को वे पार्टी दफ्तर पहुंचे और समर्थकों से 24 घंटे और इंतजार करने को कहा।

विधानसभा चुनाव के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने में महज दो दिन बाकी हैं। मगर रालोसपा अभी अपनी राजनैतिक राह को लेकर गफलत में है। राजद से उनकी दूरियां सोमवार को तब और बढ़ गईं जब रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी और एक अन्य पदाधिकारी को तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी में एंट्री दे दी।

सोमवार को पटना एयरपोर्ट पर उपेंद्र ने मीडिया के सवालों के जवाब में सिर्फ यही कहा कि आप लोग कयास लगाते रहिए। कुछ फैसला होगा तो बुलाकर जानकारी देंगे। फिर वे आशियाना नगर स्थित अपने आवास गए। उसके बाद बसपा कार्यालय पहुंचे और पार्टी के राज्य प्रभारी और अन्य नेताओं से मुलाकात की।

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