कैप्‍टन ने दूसरी बार पंजाब की संभाली कमान

पंजाब में कांग्रेस नेता कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली है इससे पहले कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने ‘राज्य की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए’ समारोह में ज्यादा खर्च नहीं करने का निर्णय लिया था जिसके चलते शपथ ग्रहण समारोह सादा हुआ. मुख्यमंत्री ने सभी पार्टी विधायकों और अन्यों से अपील की थी कि वह जश्न पर ज्यादा खर्च ना करें ताकि ‘कर्ज से दबे राज्य के कोष’ पर और बोझ न पड़े.

इनके अलावा, मनप्रीत सिंह बादल, साधू सिंह, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, चरणजीत सिंह चन्‍नी, अरुणा चौधरी, रजिया सुल्‍ताना यानी कुल नौ मंत्रियों ने शपथ ली. कैप्‍टन अमरिंदर राज्‍य के 26वें मुख्‍यमंत्री बने. यह दूसरी बार है जब अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने हैं. इससे पहले वह 2002 से 2007 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे. शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी उपस्थित रहे. राज्य में अधिकतम 18 मंत्री बनाये जा सकते हैं. विधानसभा में कांग्रेस के 77 विधायक हैं.

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उल्‍लेखनीय है कि कांग्रेस ने विधानसभा की 117 सीटों में से 77 सीटों पर कब्जा जमाया. सत्तारूढ़ शिअद-भाजपा को 18 सीटें मिली, राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरी आप ने 20 सीटें जीतीं जबकि दो सीटें नयी पार्टी और आप की सहयोगी लोक इंसाफ पार्टी को मिली.
अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी कि हर संभावित कदम के जरिये राज्य की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया जाए. शिअद-भाजपा के शासन के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो गई. उन्होंने कहा, ”जब पंजाब के लोग वित्तीय और अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो हम जश्न नहीं मनाना चाहते.” उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार राज्य को वृद्धि और विकास के रास्ते पर ले आएगी तो जश्न मनाने का पर्याप्त समय होगा.

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