बिहार में कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका, 19 में से 11 विधायक एकसाथ दे सकते हैं पार्टी से इस्तीफा

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार बीजेपी और जेडीयू गठबंधन वाली सरकार बनी है, कांग्रेस ने आरजेडी के साथ महागठबंधन में चुनाव लड़ा लेकिन सरकार बनाने में नाकाम रही। वहीं अब बिहार की राजनीति में एक नया बवंडर मचने वाला है। बिहार कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक भरत सिंह ने दावा किया है कि कांग्रेस के 11 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट होगी और 11 विधायक पार्टी छोड़ देंगे। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने भरत सिंह के बयान को खारिज कर दिया है।

भरत सिंह ने कहा कि 19 विधायकों में से 11 विधायक ऐसे हैं, जो कांग्रेस पार्टी से नहीं है, मगर चुनाव जीत गए हैं। उनका आरोप है कि इन लोगों ने पैसा देकर टिकट खरीदा और अब विधायक बन गए हैं। इनका कांग्रेस से पहले से कोई संबंध नहीं रहा है। इनका पैसा लेने के अलावा कोई दूसरा लगाव नहीं रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और जदयू की संख्‍या बल अभी बॉर्डर लाइन पर है। उसको पूरा करने के लिए वह लोग प्रयासरत है।

खबर सामने आने के बाद जदयू भी सामने आई है और उसका कहना है कि लंबे समय से बिहार में कांग्रेस के लिए अच्‍छे हालात नहीं है। बिहार कांग्रेस पूरी तरह से कोमा में हैं और इसकी पुष्टि कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता भरत स‍िंह के बयान से हो गई है। शायद इस बात को शक्‍ति सिंह गोहिल ने भी भाप लिया था और दूसरा बहाना भरकर उन्‍होंने खुद को बिहार कांग्रेस अध्‍यक्ष के पद से खुद को मुक्‍त करने की इच्‍छा जाहिर की। दूसरों के घर में ताकझाक करने की बजाय कांग्रेस को अपनी पार्टी को बचाने की कोशिश करनी चाहिए।

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बता दें कि 243 विधानसभा वाले बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 सीटों के बहुमत की जरूरत है और एनडीए की 125 सीटें हैं। एनडीए में बीजेपी 74 को और जेडीयू को 43 सीटे मिली थी। जबकि महागठबंधन को 110 सीटें हासिल हुई। जिसमें से राष्‍ट्रीय जनता दल को 75, लेफ्ट को 16 और कांग्रेस को 19 सीटे मिली थीं। वहीं साल 2015 में आरजेडी ने 80 और बीजेपी ने 53 सीटें जीती थीं।

 

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