दिल्ली : जंगल में चार महीने की बच्ची को उसके मां-बाप ने मरने के लिए छोड़ा

मासूमों के साथ अत्याचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. खास बात यह है कि ज्यादातर मामले दिल्ली के ही हैं. ताजा मामला दिल्ली के ही पुलप्रह्लादपुर का है. यहां के जंगल में चार महीने की बच्ची को उसके मां-बाप मरने के लिए जंगल में छोड़ गए. सूचना पर पुलिस ने बच्ची की जांच कराकर उसे एक गैर सरकारी संगठन को सौंप दिया और खोजबीन के बाद उसके मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया. मां-बाप ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वे बच्ची को मारने के इरादे से ही जंगल में छोड़कर आए थे.

पुलिस ने अखिल भारतीय आर्यर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बच्ची के स्वास्थ्य की जांच करवाई. बच्ची पूरी तरह स्वास्थ्य थी. पुलिस ने रातभर बच्ची को अपने पास रखा और उसकी देखभाल की और सुबह होने पर सरिता विहार स्थित एक एनजीओ को देखभाल के लिए सौंप दिया. पुलिस ने बच्ची का नाम ‘दक्षिणा’ रखा है.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक तुगलकाबाद सिग्नल के पास जंगल में एक दंपति को बच्चा रखते हुए एक आदमी ने देख लिया था. आदमी ने इसकी जानकारी नजदीक के मंदिर के पुजारी को दी. पुजारी ने फौरन पुलिस को इस घटना के बारे में बताया. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कंबल में लिपटी बच्ची सो रही थी.

बच्ची के मां-बाप पुलप्रह्लादपुर निवासी मोबिना और इराशाद हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि वे बच्ची से छुटकारा पाना चाहते थे और पिछले तीन महीने से कोई न कोई जतन कर रहे थे. इरशाद के पहली पत्नी से दो बेटियों समेत चार बच्चे हैं और वह मजदूरी करता है. जबकि मोबिना का पहला पति राजू उसे छोड़कर नेपाल चला गया.

Gyan Dairy

पुलिस ने बताया कि मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद उन्हें बच्ची के मां-बाप का सुराग मिला और काफी खोजबीन के बाद उन को खोज निकाला और गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने बताया कि दोनों की ये दूसरी शादी है और यह बच्ची मोबिना के पहले पति से है. बच्ची को मारने के लिए इन्होंने कई बार बच्ची की बुरी तरह से पिटाई भी की थी.

Share