नीतीश कुमार : बीजेपी के साथ आ गए, लेकिन इस मुद्दे पर विपक्ष के ही साथ रहेंगे

उपराष्ट्रपति चुनाव करीब आ रहा है और इस चुनाव में बीजेपी की नई सहयोगी जेडीयू किसके लिए वोट करेगी यह देखना सभी के लिए दिलचस्प होगा. पहले जेडीयू महागठबंधन का हिस्सा थी जिसमें आरजेडी और कांग्रेस भी शामिल थे और यूपीए और अन्य विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं एनडीए ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता वेंकैया नायडू का अपना प्रत्याशी घोषित किया है.

इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि हमारा विचार अभी भी नहीं बदला है और जब समय आएग आपको पता चल जाएगा. वहीं, बिहार जेडीयू के नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि पार्टी नेता नीतीश कुमार ने पहले ही अपनी बात स्पष्ट कर दी है और हम उससे पीछे नहीं हटेंगे. बता दें कि महात्मा गांधी के प्रपौत्र गोपालकृष्ण गांधी को यूपीए के 18 दलों का समर्थन हासिल है. माना जा रहा है कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के जरिए विपक्ष अपनी एकजुटता भी दिखाना चाहता है और 2019 के चुनाव के लिए गठबंधन की संभावनाएं तलाश रहा है.

जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी यूपीए और अन्य विपक्षी दलों के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी का समर्थन करेगी. लेकिन उन्होंने यह घोषणा तब की थी जब वह महागठबंधन का हिस्सा थे. वहीं, एक बार फिर पार्टी की ओर से कहा जा रहा है कि वह गांधी को ही उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में वोट करेगी.

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जानकारी के लिए बता दें कि जेडीयू ने राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के पक्ष में वोट किया था. कोविंद बिहार के ही राज्यपाल रहे हैं और जेडीयू ने पहले ही उनके समर्थन का ऐलान कर दिया था.

यह अलग बात है कि तब जेडीयू महागठबंधन का हिस्सा थी और तब उन्होंने एनडीए प्रत्याशी का समर्थन किया है.

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