टैक्स में हुए इजाफे के बावजूद राजस्थान में शराब-बीयर बिक्री में आयी भारी गिरावट

जयपुर। कोरोना संकट के समय ही सभी राज्य सरकारों व केन्द्र सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए शराब की दुकाने खोलने का निर्णय लिया था, यही नही ज्यादातर राज्यों ने टैक्स में भी इजाफा कर दिया था। लेकिन राज्स्थान में इन दिनो शराब की बिक्री बहुत कम हो रही है। अतिरिक्त एक्साइज टैक्स और कोविड सरचार्ज लगाने के बावजूद राजस्थान सरकार को इसकी बिक्री से मिलने वाले राजस्व में इस वित्त वर्ष में 300 करोड़ रुपए की कमी आई है। शराब की बिक्री में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य को अप्रैल से 31 अगस्त 2019 के बीच 3607.39 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था। इसी अवधि में इस वित्त वर्ष में शराब की बिक्री से 3301.53 करोड़ रुपए की आमदनी हुई। शराब पर अतिरिक्त टैक्स और सरचार्ज लगाए जाने के बावजूद राजस्व में 305.86 करोड़ रुपए की कमी आई।

राजस्थान स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 2019-20 में 46 लाख केस IMFL की बिक्री की जो इस साल गिरकर 29 लाख रहा। इसी तरह बीयर की बिक्री 149 लाख केस से घटकर 66 लाख केस रह गई। अप्रैल से 31 अगस्त 2019 की तुलना में IMFL की बिक्री 37 पर्सेंट घटी है तो बीयर की बिक्री में 56 फीसदी की कमी आई है। लॉकडाउन के बीच राजस्थान में शराब की दुकानों को 4 मई को खोल दिया गया था, केवल कर्फ्यू और कंटेनमेंट जोन इलाकों में इन्हें बंद रखा गया था।

कोविड-19 संकट के दौरान राजस्व बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 29 अप्रैल को भारत निर्मित विदेशी शराब (IMFL) पर 35%-45% तक अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी का ऐलान किया तो बीयर पर 45 पर्सेंट टैक्स बढ़ा दिया गया। उसी दिन राजस्थान एक्साइज ऐक्ट में संशोधन करते हुए देसी और राजस्थान निर्मित शराब पर बेसिक लाइसेंस फी को बढ़ा दिया गया।

Gyan Dairy

इसके बाद 2 जून को IMFL, बीयर, RML और देसी शराब पर 1.50 रुपए से 30 रुपए प्रति बोतल तक सरचार्ज लगा दिया गया। सरकार के टैक्स बढ़ाने के बाद शराब की बिक्री में तेज गिरावट दर्ज की गई। वित्त सचि पृथ्वी राज ने कहा, ”हमें लगभग पिछले साल के बराबर की राजस्व मिला है। लेकिन इस दौरान उपभोग में भारी गिरावट आई है। यह शराब उपभोग में कमी लाने के सरकार की नीति को समर्थन देने वाला है।”

उन्होंने कहा कि अप्रैल को छोड़कर (लॉकडाउन का समय) मई से अगस्त तक सभी महीनों में राजस्व सकारात्मक रहा। मई में 18 फीसदी की तेजी आई, जून में 15, जलाई में 16 और अगस्त में 26 पर्सेंट की तेजी आई। पृथ्वी राज ने कहा, ”जब भी किसी भी वस्तु की कीमत बढ़ती है तो उपभोग में गिरावट आती ही है।”

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