आरा : निगरानी ने DCLR को घूस लेते हुए किया गिरफ्तार

भोजपुर जिला समाहरणालय परिसर में बुधवार की दोपहर में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने पीरो के डीसीएलआर प्रभाष कुमार को 20 हजार रुयपे रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा।

निगरानी टीम के निर्देशानुसार धनंजय प्रसाद उपरोक्त कार्य की डील के बाद रिश्वत की अग्रिम राशि के रूप में 20 हजार रुपये लेकर समाहरणालय परिसर पहुंचे थे। जबकि निगरानी की टीम सादे लिबास में चारो तरफ से पूरी तैयारी के साथ तैनात थी।

इससे पहले निगरानी विभाग की टीम ने सिकरहटा पंचायत के जदयू अध्यक्ष सिकरहटा निवासी धनंजय प्रसाद की शिकायत पर उक्त डीसीएलआर को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया था, जिसके तहत सिकरहटा में स्थित जिला परिषद की जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए उनकी डीसीएलआर के साथ पचास हजार में सौदा तय हुआ था।

सभी लोग डीसीएलआर के आने का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान जैसे हीं डीसीएलआर समाहरणालय परिसर में पहुंचे, पूर्व निर्धारित योजना के तहत मुख्य द्वार से कुछ हीं दूरी पर खड़े जदयू नेता ने उन्हें रिश्वत की राशि देने के लिए अपने पास बुलाया और जैसे हीं रिश्वत की राशि उनके हाथ में रखे, वहां पहले से तैनात निगरानी विभाग की टीम ने  काफी तेजी से डीसीएलआर को रुपयों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 

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डीसीएलआर प्रभाष कुमार पर रिश्वत लेने के पहले भी लगे थे आरोप। दाखिल खारिज के एक मामले (वाद संख्या 25/2016-17) में खुटहा बाजार निवासी काशीनाथ केशरी से डीसीएलआर ने 50 हजार रुपये की रखी थी मांग। जिसकी शिकायत श्री केशरी की ओर से पूर्व सरपंच नूर आलमा ने निगरानी विभाग में दर्ज कराई थी।

इस घटना के बाद पूरे समाहरणालय परिसर में लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई, जिसके कुछ ही देर बाद निगरानी की टीम डीसीएलआर को गिरफ्तार कर अपने साथ पटना लेती चली गई।

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