बंगाल चुनाव से पहले लगातार बढ़ती जा रही ममता की मुश्किलें, पीरजादा अब्बास ने किया पार्टी बनाने का ऐलान

कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करीब है लेकिन चुनाव से पहले ही बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती चली जा रही हैंँ। पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर ममता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पीरजादा को ममता का करीबी माना जाता था और उनका मुस्लिम मतदाताओं में अच्छा प्रभाव है। हालांकि कुछ समय पहले पीरजादा से AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से भी मुलाकात की थी।

सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन में अहम रोल निभाने वाली फुरफुरा शरीफ दरगाह के संस्थापक पीरजादा अब्बास सिद्दीकी अलग सियासी दल बनाएंगे। सिद्दीकी ने 21 जनवरी को अलग राजनीतिक दल बनाने का ऐलान किया है। कुछ दिनों पहले उन्होंने AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से भी मुलाकात की थी। सिद्दीकी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। हालांकि कुछ वक्त से वो खुले रूप में टीएमसी का विरोध कर रहे हैं और सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ हमलावर हैं।

बता दें कि फुरफुरा शरीफ दरगाह का दक्षिण बंगाल में खासा असर है। लेफ्ट फ्रंट सरकार के दौरान इसी दरगाह की मदद से ममता ने सिंगूर और नंदीग्राम जैसे दो बड़े आंदोलन किए थे। पश्चिम बंगाल की सियासत में 31 फीसदी वोटर्स मुस्लिम हैं। पीरजादा अब्बास सिद्दीकी जिस फुरफुरा शरीफ दरगाह से जुड़े हैं, उसका इस मुस्लिम वोट बैंक पर खासा असर है। उनका नया सियासी दल बनाने का फैसला राज्य के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

कोलकाता में चुनाव आयोग की टीम

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इस बीच चुनाव आयोग की टीम कोलकाता दौरे पर है और चुनावी तैयारियों को परख रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की अगुवाई में आयोग की टीम कोलकाता पहुंची है। आयोग की टीम राज्य के चुनाव अधिकारियों, बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रही है। राज्य में इस साल अप्रैल-मई तक चुनाव कराए जाने हैं। इससे पहले आयोग की टीम का दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

बीजेपी के एक डेलीगेशन ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। बीजेपी उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने मुख्य चुनाव आयुक्त से बंगाल में जल्द से जल्द केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है। मुकुल रॉय ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से अपील की है कि जितनी जल्दी हो सके बंगाल में केंद्रीय बल भेजें जाएं, नहीं तो राज्य में हालात और भी खराब हो जाएंगे।

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