रात में राज्यपाल लगाते थे सिर्फ महिला स्टाफ की ड्यूटी, सीधे बेडरूम तक जातीं थीं लड़कियां

नई दिल्लीः यूं तो हैदराबाद में सेक्स सीडी खुलासे के बाद अब तक एनडी तिवारी ही राजभवन में रासलीला रचाते बदनाम हुए थे मगर अब उनकी कतार में वी षण्मुगनाथन भी शामिल हो गए। षण्मुगनाथन की अय्याशियों ने मेघालय राजभवन को भी दागदार कर दिया। यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरने के बाद भले ही षण्मुगनाथन ने पद छोड़ दिया है, मगर उन पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं। खुद राजभवन के सौ से ज्यादा स्टाफ ने ही उनके खिलाफ 11 पन्नों की शिकायत गृहमंत्रालय से की थी। राज्यपाल की अय्याशी का भंडाफोड़ तब हुआ, जब पीआरओ का इंटरव्यू देने पहुंची महिला ने उन पर छेड़खानी के आरोप लगाए।

सीधे लड़कियों को बेडरूम तक जाने की थी छूट :

राजभवन के 100 कर्मियों के हस्ताक्षर वाले पत्र के मुताबिक कुछ खास लड़कियों का अक्सर गवर्नर हाउस आना-जाना होता था। राज्यपाल के आदेश के कारण इन लड़कियों को कोई सुरक्षाकर्मी टोक नहीं सकता था। सीधे वे मर्जी से राज्यपाल के बेडरूम तक जा सकतीं थीं। स्टाफ ने इसे राजभवन के गरिमा के अलावा सुरक्षा से भी खिलवाड़ का मामला बताते हुए गृहमंत्रालय से एक्शन की मांग की। जब मामला सुर्खियों में आया तो केंद्र सरकार के दबाव के बाद रंगीन मिजाज राज्यपाल को पद छोड़ना पड़ा है।

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रात के लिए रखते थे महिला स्टाफ :

जिस 11 सूत्रीय पत्र की शिकायत के बाद राज्यपाल को इस्तीफा देना पड़ा है, उसके दावे बहुत चौंकाने वाले हैं। जिसके मुताबिक राज्यपाल षण्मुगनाथन ने दो जनसंपर्क अधिकारी, एक बावर्ची और एक नर्स की रात्रिकालीन ड्यूटी लगाई। ये सभी महिलाएं रहीं। सवाल उठता है कि पुरुष स्टाफ के उपलब्ध होने के बावजूद राज्यपाल रात में महिलाओं की ड्यूटी क्यों लगाते थे।

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