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बिहार में चुनाव के दौरान बम धमाके करना चाहते थे नक्सली, बरामद हुआ 40 किलो विस्फोटक

पटना। बिहार में जहां एक तरफ सभी राजनीतिक पार्टियां विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त हैं वहीं दूसरी तरफ नक्सली चुनाव के दौरान ही बम धमाकों से तबाही मचाना चाहते हैं। लेकिन नक्सलियों की मंशा पर जमुई पुलिस ने पानी फेर दिया। विधान सभा चुनाव के पहले पुलिस ने अन्य सुरक्षा बलों के सहयोग से सोमवार को जंगलों से लगभग 40 केजी अमोनियम नाइट्रेट नामक विस्फोटक बरामद किया है। कार्रवाई झाझा थाना के नक्सल प्रभावित मानिकथान गांव में की गई।

आपको बता दें कि बिहार में झाझा विधानसभा क्षेत्र का चुनाव पहले चरण में यानी आगामी 28 अक्टूबर को होना है। ऐसे में मतदान के ऐन एक पखवाड़े पूर्व बड़ी मात्रा में विस्फोटकों की बरामदगी इलाके में माओवादियों की सक्रियता एवं चुनाव के दौरान उनके द्वारा कोई विध्वंसक गतिविधि की संभावना का स्पष्ट संकेत देता है। हालांकि फिलहाल बरामद विस्फोटकों के भंडारण के पीछे नक्सलियों की क्या मंशा अथवा क्या टारगेट था, इसका फौरी तौर पर खुलासा नहीं हो पाया है।

अभियान में शामिल अर्द्ध सैनिक बल के विस्फोटक विशेषज्ञों ने बताया कि इस विस्फोटक को सिर्फ डेटोनेटर से जोड़े जाने के बाद छोटी-छोटी मात्रा में कई स्थानों पर विध्वंस की कार्रवाई संभव हो सकती थी। टीम में शामिल आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पुलिसिया एजेंसियों को बीते दो-तीन दिनों से संबंधित इलाके में वेटरन माओवादी कमांडर पिंटू राणा के मूवमेंट का इनपुट मिल रहा था। जिसके आधार पर इलाके में सर्च अभियान में निकली पुलिस समेत अन्य बलों की संयुक्त टीम को इलाके में विस्फोटक की मौजूदगी की भनक लग गई थी। इसके मद्देनजर गांव से करीब एक किमी की दूरी पर स्थित जंगल में सर्च अभियान चलाया गया था।

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इसी दौरान एक खेतनुमा स्थान पर संदेह होने पर पुलिस ने खुदाई कराई तो वहां ज़मीन के नीचे से तीन कंटेनर मिले जिसमें करीब 40 केजी अमोनियम नाइट्रेट छिपा कर रखा था।

जमुई एसपी प्रमोद कुमार मंडल ने 40 केजी विस्फोटक की बरामदगी की पुष्टि की है। जमुई के एएसपी (अभियान) सुधांशु कुमार की अगुवाई में चले सर्च अभियान में बटिया स्थित सीआरपीएफ 215 बीएन, झाझा की एसटीएफ चीता 29, जमुई नक्सल सेल एवं क्यूआरटी तथा झाझा के थानाध्यक्ष श्रीकांत कुमार समेत पुलिस फोर्स शामिल थी। बताते चलें कि पूर्व में इस इलाके में बोड़वा की महिला सरपंच के पति की हत्या समेत कई नक्सली घटनाएं घट चुकी हैं। इलाके में नक्सलियों की सक्रियता की वजह से ही बीते कई चुनावों से बखौरीबथान के मतदान केंद्र सं.187 को हर चुनाव में बोड़वा स्थानांतरित कर दिया जाता रहा है।

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