पड़ोसी ने किया बच्चे को अगवा, फिरौती के लिए कर दी उसकी हत्या,जानें पूरा मामला

जयपुर। देश में दिन प्रति दिन अपहरण के मामले बढ़ते ही जा रहे है। ऐसे ही एक मामला राजस्थान के जयपुर शहर के आमेर इलाके में सामने आया है। 3 दिन पहले पतंग उड़ाते वक्त एक 11 साल का बच्चा लापता हो गया था, बाद में पता चला कि उसे अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई। उस बच्चे का शव सोमवार को उसके घर से कुछ दूर एक सूने मकान में प्लास्टिक की बोरी में मिला। वहीं, इस मामले में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया था। जिसमें कि आसिफ नाम के शख्स ने जुर्म कबूल कर लिया है और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।मामले की जानकारी देते हुए एडिश्नल डीसीपी सुमित गुप्ता ने बताया कि, फ्रेंड्स कॉलोनी, नाई की थड़ी के रहने वाले मोहम्मद शकील का बेटा अरसलान कुरैशी 11 साल का था। 15 जनवरी को करीब दोपहर 1 बजे घर पर पतंग उड़ा रहा था।

तब परिजन भी घर में होने के साथ ही उसके पिता के मुताबिक, अचानक करीब 1 घंटे बाद उनका बेटा अरसलान गायब हो गया। वह नजर नहीं आया तब उसे आसपास काफी जगहों पर तलाश किया। कॉलोनी में रहने वाले अरसलान के दोस्तों व पड़ोसियों से पूछा। लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। तब जाकर मोहम्मद शकील ने आमेर थाने में अपहरण का केस दर्ज करवाया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे के घर से कुछ दूरी पर स्थित एक सूने मकान में भयानक दुर्गंध आ रही थी। तब कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने वहां जाकर देखा तो एक प्लास्टिक के कट्‌टे से खून रिसता नजर आया। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्लास्टिक कट्‌टे को खुलवाकर देखा तो उसमें बच्चे अरसलान का शव था।

पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद टीम गठित करके जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि, बच्चे को आखिरी बार आसिफ के साथ देखा गया था। इसके बाद आसिफ को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आसिफ ने अपना गुनाह कबूल लिया। आरोपी आसिफ ने पूछताछ में बताया कि वो पतंग दिलाने के बहाने बच्चे अरसलान को साथ ले गया था। बच्चे को अगवा करके उसके पिता से फिरौती मांगने के इरादे से उसने इसे अगवा किया था। लेकिन, इससे पहले ही बच्चे की मौत हो गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 15 जनवरी को दिन में 2 बजे बच्चे अरसलान कुरैशी को अपने साथ ले गया था।

Gyan Dairy

इसके बाद उसने बच्चे के हाथ पैर बांधकर और मुंह में कपड़ा ठूंसकर 2 किलोमीटर दूर एक अर्धनिर्मित खाली प्लॉट के मकान में पटक दिया। शाम को 7 बजे जाकर देखा तो बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद वह शव को मकान की छत पर रखकर उसे ईंटों से छिपा दिया, लेकिन दुर्गन्ध आने और स्थानीय लोगों के द्वारा बच्चे को उसके साथ देखे जाने से पूरा मामला खुल गया।

Share