मनसुख हिरेन मर्डर की जांच करेगी NIA, ठाणे कोर्ट का फैसला

नई दिल्‍ली: ठाणे की एक अदालत ने बुधवार को महाराष्ट्र एटीएस को मनसुख हिरेन मौत मामले में अपनी जांच रोकने और इसे एनआईए को सौंपने को कहा है। केंद्र ने पहले ही एनआईए को जांच सौंप दी है, लेकिन एटीएस को मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपना बाकी है।

एटीएस ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बावजूद मामला एनआईए को नहीं सौंपा था, जिसके बाद एनआईए ने ठाणे सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एनआईए का कहना था कि एटीएस प्रोसीजर को फॉलो नहीं कर रही है और मनसुख हिरेन मामले के दस्तावेज हैंडओवर नहीं कर रही है।

हिरेन हत्या मामले की जांच को लेकर दो जांच एजेंसियां आमने-सामने हो गई थी, लेकिन अब ठाणे कोर्ट ने अपने फैसले में एनआईए को जांच करने के आदेश दिये हैं। ऐसे में अब एटीएस को भी एनआई को केस सौंपना पड़ेगा।

अब तक इस मामले में एटीएस ने क्या किया?
इस मामले की जांच अब तक महाराष्ट्र एटीएस कर रही थी, जिसने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक निलंबित पुलिसकर्मी विनायक शिंद और एक बुकी नरेध धारे को हाल ही में एटीएस ने गिरफ्तार किया था। इन दोनों को 20 मार्च को मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था और बाद में एटीएस मुख्यालय में ही गिरफ्तार कर लिया गया।

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मुंबई पुलिस कमिश्नर अनिल देशमुख से मिले
मुंबई के पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात की, जिसके बाद पुलिस रैंकों में फेरबदल की आशंका जताई जा रही है।

85 पुलिसकर्मियों का तबादला
क्राइम ब्रांच के 65 सहित मुंबई के 86 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया। यह तब आया जब हेमंत नागराले ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला। राज्य पुलिस विभाग में “ट्रांसफर” घोटाले के लिए तत्कालीन राज्य खुफिया कमिश्नर रश्मि शुक्ला की 2020 की रिपोर्ट भी सामने आई है।

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