यूपी में बढ़ेगी सैनिक स्‍कूलों की संख्‍या, गोरखपुर में बनेगा नया सैनिक स्‍कूल

लखनऊ। युवाओं को अनुशासन के साथ उन्‍हें सस्‍ती व गुणवत्‍तापरक शिक्षा दिलाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। अभी हाल में ही मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रदेश के हर मंडल में एक सैनिक स्‍कूल खोले जाने का प्रस्‍ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा है। इसी कड़ी में गोरखपुर में एक सैनिक स्‍कूल के निर्माण की मंजूरी मुख्‍यमंत्री ने दी है। वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना ने बजट अभिभाषण के दौरान 90 करोड़ रूपए का बजट गोरखपुर सैनिक स्‍कूल के लिए पास किया है। इसके अलावा कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय सैनिक स्कूल सरोजनीनगर में एक हजार लोगों की क्षमता वाले आडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। इसके 15 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है।

सेना में जाने के सपने बुनने वाली बेटियों के पंखों को प्रदेश की योगी सरकार नई उड़ान देने जा रही है। प्रदेश सरकार कारगिल शहीद कैप्‍टन मनोज पाण्‍डेय सैनिक स्‍कूल की क्षमता को दोगुना करने की तैयारी कर रहा है। यूपी के बजट में कैप्‍टन मनोज पाण्‍डेय सैनिक स्‍कूल सरोजनीनगर को विकसित किए जाने व उसकी क्षमता को दोगुना करने का प्रस्‍ताव पास किया गया है।

खासकर बेटियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार बालिका कैडेट के लिए 150 की क्षमता वाले छात्रावास का निर्माण कराएगा। साथ ही एक हजार की क्षमता वाले आडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 15 करोड़ रुपए बजट का प्राविधान किया गया है। वहीं, सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था भी की गई है।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की पहल के चलते अन्‍य राज्‍यों की अपेक्षा यूपी में सैनिक स्‍कूल की संख्‍या अधिक है। यूपी में रक्षा मंत्रालय द्वारा तीन सैनिक स्‍कूलों का संचालन अमेठी, झांसी, मैनपुरी में किया जा रहा है जबकि बागपत में सैनिक स्‍कूल का निर्माण प्रस्‍तावित है। इसके अलावा गोरखपुर में एक सैनिक स्‍कूल बनाए जाने के लिए 90 करोड़ रुपए का प्राविधान प्रदेश सरकार ने अपने अंतिम बजट में किया है।

प्रदेश के सैनिक स्‍कूलों में छात्रों को उच्‍च गुणवत्‍ता की शिक्षा बहुत कम फीस में मुहैया कराई जा रही है। लखनऊ में यूपी सैनिक स्‍कूल का संचालन किया जाता है, जो राज्‍य सरकार के अधीन है । यह देश का पहला सैनिक स्‍कूल है। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने देश भर में सैनिक स्‍कूलों का निर्माण कराया।

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जानकारों की मानें तो सैनिक स्‍कूल में दाखिले के बाद छात्र कम फीस में उच्‍च गुणवत्‍ता की शिक्षा हासिल करते हैं। ऐसे में योगी सरकार के प्रस्‍ताव से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी जो अधिक फीस होने के चलते अपने बच्‍चों को अच्‍छे स्‍कूलों में नहीं पढ़ा पाते हैं। सैनिक स्‍कूलों की संख्‍या बढ़ने से ऐसे अभिभावकों के बच्‍चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकेंगे।

बजट का बड़ा हिस्‍सा शिक्षा पर खर्च करेगी सरकार

वर्ष 2021-2022 के बजट में समग्र शिक्षा अभियान हेतु 18,172 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है। कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को प्रतिवर्ष निःशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराये जाने हेतु 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वहीं सभी बच्चों को जूते- मोजे एवं स्वेटर उपलब्ध कराये जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-2022 हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था। वहीं कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग उपलब्ध कराये जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-2022 के बजट में 110 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए 3,406 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा गया है

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