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14 सितंबर को होगा दिल्ली विधानसभा में एकदिवसीय-सत्र का आयोजन

कोरोना संकट को लेकर सभी राज्य सरकारें काफी चिंतित नजर आ रही हैं, बात अगर मुंबई और दिल्ली की करें तो दोनो जगह के हालात सबसे ज्यादा भयावह हुए हैं। कोरोना महामारी के बीच दिल्ली सरकार ने 14 सितंबर को विधानसभा का विशेष-सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सत्र में भाग लेने वाले प्रत्येक विधायक और मीडियाकर्मी का विधानसभा में बैठने से पहले कोविड-19 का टेस्ट कराना होगा। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल ने बताया कि इस सत्र में ‘प्रश्नकाल’ का आयोजन नहीं किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने कहा, “हमने सत्र में भाग लेने से पहले प्रत्येक विधायक के लिए COVID-19 का टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। सत्र में भाग लेने वाले मीडियाकर्मियों का भी आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाएगा।” विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि चर्चा के लिए अभी एजेंडे को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इस बार प्रश्नकाल का आयोजन नहीं किया जाएगा और सदन में नियम 280 के तहत चर्चा होगी।

विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, विधायकों को अपने स्तर पर आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाने या फिर आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए अपने आधार कार्ड के साथ 11 सितंबर को सुबह 10 बजे से 1 बजे के बीच विधानसभा परिसर में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। वहीं इस सप्ताह के आरंभ में विधान सभा सचिवालय द्वारा भी इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

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प्रधान सचिव (कानून) द्वारा प्रस्तावित, विशेष सत्र को 5 सितंबर के दिन कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया था। सदन का अंतिम एजेंडा अभी तक तय नहीं किया गया है। विधानसभा की बैठक दोपहर 2 बजे शुरू होगी। सदस्यों को COVID-19 मानदंडों का कड़ाई से पालन करने, सामाजिक दूरी का अभ्यास करने और फेस मास्क पहनने के लिए कहा गया है। वहीं सातवीं विधान सभा के पहले सत्र के चौथे भाग के दौरान किसी भी आगंतुक को विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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