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करोड़ों की कोठी में रहने वाले इस इंस्पेक्टर के घर में मिली AK-47 और 4kg हेरोइन

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हवलदार से इंस्पेक्टर बने इंदरजीत सिंह को STF ने ड्रग्स तस्करी में अरेस्ट कर लिया है। ड्रग्स तस्कर और गैंगस्टर के लिए खौफ बने इंस्पेक्टर इंद्रजीत से STF ने भारी तादाद में ड्रग्स और हथियार बरामद किए हैं। STF प्रमुख सिद्धू ने बताया कि उसके नशे के तस्करों से संबंधों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। इंद्रजीत के घर से काफी मात्रा में रूपए और हथियार बरामद हुए हैं। साथ ही, एएसआई अजायब सिंह को पकड़ा गया है, जो इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह का साथ देता था

आगे बताया कि इसका खुलासा तरनतारन में दर्ज हुए विभिन्न केसों में तस्करों के बरी होने से हुआ।

STF प्रमुख हरप्रीत सिंह सिद्धू ने इसे बड़ी कामयाबी बताया है। उन्होंने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के बाद पता लगाया जा रहा है कि वह ये हथियार और नशीले पदार्थ कहां से लाता था और कहां बेचता था।

उन्होंने बताया कि पकड़ा गया इंस्पेक्टर असल में हवलदार है, जिसे लोकल रैंक देकर इंस्पेक्टर पद की जिम्मेदारी सौंपी हुई थी।

तीनों मामले सरहाली पुलिस स्टेशन के थे। तीनों मामलों में पकड़े गए स्मगलर बरी हो गए।

सिद्धू ने बताया कि तरनतारन में 2013-15 में तीन मामले NDPC एक्ट के तहत दर्ज किए गए थे, जिनमें एक में 19 किलो, दूसरे में दो किलो और तीसरे में 54 बोरी चूरा पोस्त पकड़ी गई थी।

इस जजमेंट के बाद उनके बरी होने के पुलिस की भूमिका की जांच करने पर पता चला कि इंदरजीत मूल रूप से हवलदार है और लोकल रैंक लेकर इंस्पेक्टर पद पर था।

ASI से कम रैंक का कर्मी यह मामला दर्ज नहीं कर सकता। यानी इन मामलों में जानबूझकर यह कमी रखी गई, ताकि कमी का फायदा उठाकर कोर्ट में आरोपी छूट जाए।

नियमों के अनुसार कोई हवलदार NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं कर सकता। यह केस दर्ज करने के लिए क्लास वन ऑफसर होना चाहिए।

पता चला कि इंदरजीत ने स्मगलरों से सांठगांठ कर रखी थी, असलियत सामने आने पर इंदरजीत के घर रेड की गई और हथियार नशीले पदार्थ मिले।

फगवाड़ा स्थित दूसरे घर से 3 किलो स्मैक और 4 किलो हेरोइन बरामद की गई। हरप्रीत सिंह सिद्धू ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है।

STF ने इंदरजीत सिंह के घर की तलाशी के दौरान 9 एमएम की इटली मेड पिस्टल, एक एके 47, एक 32 बोर का रिवॉल्वर, 16 लाख 50 हजार इंडियन करंसी, 3550 इंग्लैंड पौंड, इनोवा कार के अलावा 12 बोर के 41 राउंड, 315 बोर के 43 राउंड, 32 बोर के 60 राउंड, 9 एमएम के 66 राउंड, .32 बोर के 33 राउंड, एके 47 के 115 राउंड, 7.62 के 125 राउंड बरामद किए।

अरेस्ट किए गए इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने अपने दो नंबर के धंधे से करोड़ों रुपए की प्रापर्टी बना रखी है।

इंद्रजीत ने चाटीविंड के अंदर करोड़ों रुपए की लागत से आलीशान कोठी बना रखी है, जिसमें वह खुद रहता था।

केवल अमृतसर शहर में दो-तीन आलीशान कोठियां बनाई है। लेकिन केवल एक ही कोठी अभी तक STF की नजर में आई है।

उसके अरेस्ट होने के बाद STF ने अपनी टीम के साथ इस कोठी को सील कर दिया है। इसके अलावा भी STF इंद्रजीत सिंह की अन्य प्रापर्टियों की जांच कर रही है।

इसके साथ ही वह तस्करों से सांठगांठ कर उन्हें केस में से बचाता भी था। केस में वह ऐसी कमियां जानबूझ कर छोड़ देता था, जिससे आरोपी कोर्ट में बरी हो जाते थे।

इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह जिन तस्करों को पकड़ता था, उनसे बरामद हुए नशीले पदार्थों में से कुछ सामान अपने पास रखकर बाकी सामान उन पर डालकर केस दर्ज कर देता था।

इसके साथ ही वह अपने पास रखे नशीले पदार्थ उन्हीं तस्करों को बेच देता था और अपना मोटा कमीशन रखता था।

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