राजस्थान: जब बेटी ने कहा मैं पढ़ना चाहती हूं और मां मुझसे गलत काम करवाना चाहती हैं

जयपुर। राजस्थान में एक नाबालिग बेटी ने जब चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर पर फोन कर अपनी ही मां के चरित्र को लेकर सवाल उठाये तो चाइल्ड लाइन वाले भी हेरान हो गये। श्री गंगानगर में एक कलयुगी मां अपने बेटी को अपने साथ गलत काम में घसीटना चाहती है, जबकि बेटी पढ़ना चाहती है। बेटी ने चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर फोन कर कहा-“आंटी मेरा नाम बबीता (परिवर्तित) है और मैं कक्षा सात में पढ़ती हूं। मेरी मां करीब चार माह पूर्व मेरे पिता को छोड़कर दुल्लापुर कैरी में किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने चली गई। उसका चाल चलन ठीक नहीं है। वह जब भी यहां आती है तो मुझसे कहती है कि मेरे साथ चल। तूं भी वही काम करने लग जा, जो मैं करती हूं। दोनों मिलकर खूब पैसे कमाएंगे।

बेटी ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके बताया कि मेरी मां मुझे इस तरह की बातें अपने पिता को बताने से मना करती है। वह जब भी आती है तो बहाने बनाकर मुझसे व दोनों छोटे भाइयों से मारपीट करती है और डराती है। मेरी मां के कई अन्य लोगों के साथ गलत रिश्ते हैं। वह मुझे भी इसी दलदल में धकेलना चाहती है। मेरी उम्र अभी 13 साल है और मैं पढ़ना चाहती हूं। मैं अपनी मां के साथ नहीं जाना चाहती। मैं और मेरे दोनों भाई अपने पिता के साथ रहना चाहते हैं। प्लीज आप मुझे और मेरे दोनों भाइयों को मेरी मां से बचा लो”।

पीड़ित बच्ची ने यह बयान बाल कल्याण समिति सदस्या प्रभा शर्मा को दिए हैं। बच्ची के बयान के बाद चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक त्रिलोक वर्मा ने केस रजिस्टर्ड कर तुरंत बाल कल्याण समिति को सूचना दी। इसके बाद समिति अध्यक्ष एडवोकेट लक्ष्मीकांत सैनी और सदस्य प्रभा शर्मा किशोरी से मिलने उसके घर पहुंचे। समिति सदस्यों से मिलकर किशोरी का दर्द फूट पड़ा और वह फफक फफककर रोने लगी।

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समिति सदस्यों मदद का भरोसा दिलाकर उसे चुप करवाया। एडवोकेट सैनी ने बताया कि किशोरी की हालत देखकर मन पीड़ा से भर आया। आखिर एक मां अपनी बेटी को अच्छा भविष्य देने के बजाए नर्क में धकेलने की बात कैसे कर सकती है। बच्ची के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जवाहरनगर थाना में शुक्रवार को किशोरी की मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। बच्ची के पिता मजदूर हैं। बच्ची और उसके दोनों छोटे भाइयों के संरक्षण और शिक्षा की व्यवस्था समिति द्वारा करवाई जा रही है।

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