शरद यादव : नीतीश कुमार के फैसले पर तोड़े चुप्पी

बिहार में नीतीश कुमार ने महागठबंधन तोड़ बीजेपी के साथ मिलकर सरकार तो बना ली है। सोमवार को नीतीश के फैसले पर जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शरद यादव ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जो परिस्थिति है, वह अप्रिय है। देश की, बिहार की 11 करोड़ जनता के लिए यह ठीक नहीं है। बिहार में जो फैसला हुआ मैं उससे सहमत नहीं हूं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों ने जनादेश इसलिए नहीं दिया था।’ यादव के बयान से जाहिर है कि वह अभी तक नाराज हैं और उन्हें मनाने की एनडीए नेताओं की कोशिश अभी तक नाकाम रही है।

गौरतलब है कि राज्यसभा में जेडीयू के 10 सांसद हैं और शरद यादव भी इसमें से एक है। इससे पहले दो राज्यसभा सांसद अली अनवर और वीरेंद्र कुमार बिहार के सीएम नीतीश के खिलाफ खुलकर बोल चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि नीतीश का एनडीए के साथ जाना शरद यादव को रास नहीं आ रहा है। हालांकि, शरद यादव ने अभी तक कुछ भी नहीं कहा है, लेकिन जेडीयू समेत कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर रहें हैं।

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दूसरी तरफ जदयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि पटना में अगले महीने हो रहे पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है जहां पर सभी नेता खुलकर अपनी बात रखेंगे। वहीं, सूत्रों का कहना है कि शरद यादव 19 अगस्त को आयोजित बैठक में अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं, जबकि पार्टी के एक अन्य सूत्र का कहना है कि 20 राज्यों के पार्टी नेता शरद और नीतीश को पत्र लिखकर अपनी राय रख सकते हैं।

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