कुपोषण मुक्त भारत मुहिम से जुड़ेंगे 23 राष्ट्रों के सामाजिक कार्यकर्ता व एम्बेस्डर: स्वर्ण भारत परिवार

कार्यक्रम में भाग लेने वाले देश यूके, नीदरलैंड,यूनाइटेड स्टेटस,ऑस्ट्रेलिया, कैमरून,सिएरा लियन,इजिप्ट,टोगो,तंजानिया,सूडान,आदि

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय सम्मान 2020 का आयोजन 20 सिंतबर को होगा

स्वर्ण भारत परिवार की पहल भारत से उठकर अब विश्व मानचित्र पर दिखने लगी है, स्वर्ण भारत परिवार ओवरसीज हेड राकेश कुमार पांडेय ने मीडिया को बताया आने वाला 20 सितम्बर ऐतिहासिक क्षणों का गवाह बनने जा रहा है। स्वर्ण भारत परिवार के एम्बेस्डर सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता पुरे विश्व से एकत्रित होकर कुपोषण से बचने के गुर सिखाएंगे। इस दौरान स्वर्ण भारत के अध्यक्ष पीयूष पण्डित, यूनाइटेड नेशंस गोल्स पर कई देशों के अम्बेसडर के साथ चर्चा करेंगे।

देश मे पोषण माह में जागरूकता अभियान के तहत आयोजित होने वाले डॉ एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय सम्मान 2020 की तैयारियां स्वर्ण भारत परिवार ने तेज कर दी हैं। देश,विदेश के 101 विशेष व्यक्तियों को सम्मानित करने की योजना के साथ महिला व बाल विकास मंत्रालय की तरफ से चलाए जा रहे पोषण माह में नीति आयोग के आग्रह पर स्वर्ण भारत ने यह कार्यक्रम पोषण माह को समर्पित किया है। इस कार्यक्रम की गूगल मीट पर कुपोषण मुक्त भारत पर चर्चा होगी और सभी प्रतिभागियों को कलाम सम्मान से नवाजा जाएगा।

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इस बीच स्वर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी सदस्यों व सहयोगियों से ट्रस्ट को दान राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। कोरोना महामारी के दौरान स्वर्ण भारत ने लाखों रुपयों की मदद जरूरतमन्दों को की थी, कम्पनियां बन्द होने की वजह से रेगुलर डोनेशन आने की प्रक्रिया बन्द हो गयी और इस वजह से स्वर्ण भारत परिवार ने सदस्यता अभियान शुरू किया है। ज्यादा से ज्यादा सहयोगियों को जोड़कर जरूरी राहत सामग्री, जरूरतमन्दों तक पहुँचाने का प्रयास जारी है।

इस बीच यूनिसेफ , यूनाइटेड नेशन, व भारत सरकार की गाइडलाइन की चर्चा करते हुए सभी सदस्यों से कुपोषण मुक्त भारत पर शपथ वीडियो जारी करके जागरूकता फैलाने का आग्रह किया गया। वहीं ट्रस्टी रोशनी लाल ने ऑस्ट्रेलिया से कहा कि  महिलाएं शपथ लें कि जब उनकी बहु गर्भवती होगी, वे उनकी पूरी देखभाल करेंगी, उन्हें पोषक आहार जैसे हरी सब्जि़यां, दालें, अण्डे, फल आदि उचित मात्रा में देंगी। वे उन्हें आयोडीन युक्त नमक में पका भोजन देंगी तथा आयरन फोलिक एसिड की गोलियां देंगी।

पीयूष पण्डित ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पुरुषों को शपथ लेनी चाहिए कि वे गर्भावस्था के दौरान अपनी पत्नी का पूरा ख्याल रखेंगे। वे सुनिश्चित करेंगे कि वह समय पर खाए और पर्याप्त आराम करे। सातवें महीने से वे सुनिश्चित करेंगे कि उनके बच्चे को स्तनपान के साथ घर का बना पोषक आहार मिले।
महिलाएं शपथ लें कि वे अपने नवजात शिशु को अपना पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) देंगी और पहले छह महीने अपने बच्चे को केवल स्तनपान कराएंगी। जब उनका बच्चा सातवें महीने में प्रवेश करेगा, वे उसे स्तनपान के साथ घर का पका स्वास्थ्यप्रद भोजन भी देंगी।

स्वर्ण भारत हर साल कुपोषण मुक्त भारत का मिशन चलाता है और अनेकों कार्यक्रम आयोजित करता है, इस बार कोरोना की वजह से वर्चुवल शो का आयोजन होने जा रहा है ।

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