हाथरस गैंगरेप घटना पर स्वर्ण भारत परिवार ने जताई नाराजगी, रोशनी लाल ने कहा- ग्लोबल गांधी पीस सम्मान में हो बालिका सुरक्षा पर चर्चा

बालिका संरक्षण पर होगी स्वर्ण बालिका बचाओ गोश्ठी

स्वर्ण भारत परिवार द्वारा आयोजित ग्लोबल मांधी पीस सम्मान में आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान बालिका सुरक्षा पर चर्चा हुई वहीं भारत मे बालिकाओं के साथ लगातार हो रही हैवानियत की घटनाओं पर स्वर्ण भारत परिवार की ट्रस्टी रोशनी लाल नाराज हो गयीं। उन्होने सरकार से मांग की है कि ऐसे अपराधियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। स्वर्ण भारत ​परिवार ने आज हाथरस में हुई निर्मम घटना पर नाराजगी जताई और दम तोड़ने वालों बच्ची की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना भी की।

इस दौरान बालिका सुरक्षा पर चर्चा हुई वहीं स्वर्ण भारत परिवार के अध्यक्ष पीयूष पंडित ने कोरोना में मास्क लगाने के महत्व पर जोर दिया और स्वर्ण भारत की तरफ से सभी को मास्क देने की बात कही। यह देश का पहला ऐसा कार्यक्रम है जिसमे किसी संस्थान द्वारा कार्यक्रम का स्मृति चिन्ह जारी किया गया है। यह चिन्ह स्वर्ण भारत परिवार व दिशा फॉउंडेशन ने मिलकर जारी किया। इस बीच विदेशों में भी गांधी जी के विचारों की चर्चा जोरों पर हैं । जयपुर से उदय कौशल फॉउंडेशन ने कार्यक्रम को संचालित करने की इच्छा जताई है जिसे कमेटी द्वारा पूर्ण सहमति दी गई है। 30 सितम्बर को कार्यक्रम की पूर्ण रूपरेखा जारी की जाएगी ।

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ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड की तैयारियों के बीच देश विदेश से लोगो के विचार स्वर्ण भारत को प्राप्त हो रहे हैं। स्वर्ण भारत परिवार की ट्रस्टी व संरक्षक रोशनी लाल ने गांधी जी के शांति संदेश को ग्लोबल बनाने के पीयूष पण्डित के निर्णय की काफी सराहना की, उन्होने इसका जिक्र सिडनी में प्रेस कॉन्फ्रेंस दौरान किया। उन्होन अपने द्वारा लिखा लेख भी प्रस्तुत किया जिसमें लिखा है…

आत्मा अजर और अमर है| मृत्यु शाश्वत सत्य| जीवन उद्देस्य है| कर्म सर्वोपरि है | जन जन में परमात्मा अंश विद्यमान है | वही जीवन का आधार है| सब जन जीवन रूप में समान हैं परन्तु कर्म उन्हें लोक व्यवहार में अलग करता है |कर्म सुजन एवं दुर्जन की परिभाषाएं तय करता है , कर्म ही दुष्टात्मा अथवा महात्मा रूप में हमारा परिचय कराता है | अहिंसात्मक मार्ग के शांति संदेश के साथ विश्व में कल प्रासंगिक थे, आज आवश्यकता हैं और सदा सदा के लिए विश्व में समाहित हो उसके भविष्य के मार्गदर्शक हैं | अंत में उन्होने लिखा, गांधी जयंती पर ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड्स के माध्यम से स्वर्ण भारत शांति संदेश को ग्लोबल बनाने का यूँ ही प्रयास करता रहे जय हिंद ।

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