कुपोषण मुक्त भारत के लिए तैयार स्वर्ण भारत, विश्व भर के विशेषज्ञ करेंगे अभियान की शुरुवात

डॉ अब्दुल कलाम राष्ट्रीय पुरस्कार ग्लोबल मंच पर तैयार

यूनाइटेड नेशन सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर व्याख्यान देंगे पीयूष पण्डित

कुपोषण मुक्त भारत मुहिम से जुड़ेंगे 23 राष्ट्रों के सामाजिक कार्यकर्ता व एम्बेस्डर

भाग लेने वाले देश यूके, नीदरलैंड,यूनाइटेड स्टेटस,ऑस्ट्रेलिया, कैमरून,सिएरा लियन,इजिप्ट,टोगो,तंजानिया,सूडान,आदि

स्वर्ण भारत परिवार की पहल भारत से उठकर अब विश्व मानचित्र पर दिखने लगी है, स्वर्ण भारत परिवार पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष डॉ राधा बाल्मीकि ने बताया कि आने वाला 20 सितम्बर ऐतिहासिक क्षणों का गवाह बनने जा रहा है। स्वर्ण भारत परिवार के एम्बेस्डर सहित, अन्य सामाजिक कार्यकर्ता पूरे विश्व से एकत्रित होकर कुपोषण से बचने के गुर सिखाएंगे। राजस्थान प्रमुख पूनम खंगारोत ने 21 विशेष व्यक्तियों के चयन को स्वर्ण भारत राष्ट्रीय कार्यालय भेजा है, कंचन शर्मा ने ओवरसीज में रह रहे विदेशी भारतीयों में 15 विशेष व्यक्तियों का चयन किया है।

वहीं सतत् विकास लक्ष्‍य और उद्देश्‍य निम्‍नलिखित सबसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में कार्रवाई प्रेरित करेंगे:

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गरीबी, भुखमरी, शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और खुशहाली, शिक्षा, लैंगिक समानता, जल एवं स्‍वच्‍छता, ऊर्जा, आर्थिक वृद्धि और उत्‍कृष्‍ट कार्य, बुनियादी सुविधाएं, उद्योग एवं नवाचार, असमानताओं में कमी, संवहनीय शहर, उपभोग एवं उत्‍पादन, जलवायु कार्रवाई, पारिस्थितिक प्रणालियां, शांति एवं न्‍याय और भागीदारी।

इस समग्र एजेंडा में माना गया है कि अब केवल आर्थिक वृद्धि पर फोकस करना पर्याप्‍त नहीं है, बल्कि निष्‍पक्ष और अधिक समतामूलक समाजों तथा अधिक संरक्षित एवं अधिक संपन्‍न पृथ्‍वी पर फोकस करना होगा। इसमें माना गया है कि शांति, न्‍याय, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के कार्य एक-दूसरे से अलग नहीं है बल्कि उसी परिवर्तन के अंग हैं। इसमें सबसे अधिक मान्‍यता इस बात की है कि वैश्विक और परस्‍पर जुड़ी चुनौतियों से लड़ने के लिए केवल वैश्विक और परस्‍पर जुड़े समाधानों की ही आवश्‍यकता है। यह एक महत्‍वाकांक्षी योजना है जिसके लिए सरकारों, कारोबार जगत, प्रबुद्ध समाज और व्‍यक्तियों के बीच नए सिरे से वैश्विक साझेदारी की आवश्‍यकता है। हम जैसे-जैसे 169 उद्देश्‍यों की पूर्ति की ओर बढ़ेंगे वैसे-वैसे राष्‍ट्रीय और वैश्विक विकास को अधिक सतत् और अधिक सुदृढ़ मार्ग पर मोड़ते जाएंगे।

2030 के लिए वैश्विक एजेंडा का मूल मंत्र सार्वभौमिकता का सिद्धांत है : ‘कोई पीछे न छूटे’। इन उद्देश्‍यों पर अमल के लिए जरूरी है कि ये सभी सरकारों और काम करने वालों के लिए प्रासंगिक होने चाहिए। विकास को अपने सभी आयामों में सभी के लिए, हर जगह समावेशी होना चाहिए और उसका निर्माण हर किसी की, विशेषकर सबसे लाचार और हाशिए पर जीते लोगों की भागीदारी से होना चाहिए। पीयूष पण्डित यूनाइटेड नेशंस गोल्स पर कई देशों के अम्बेसडर के साथ करेंगे चर्चा

देश मे पोषण माह में जागरूकता अभियान के तहत आयोजित होने वाले डॉ एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय सम्मान 2020 की तैयारियां स्वर्ण भारत परिवार ने तेज कर दी हैं। देश,विदेश के 101 विशेष व्यक्तियों को सम्मानित करने की योजना के साथ महिला व बाल विकास मंत्रालय की तरफ से चलाए जा रहे पोषण माह में नीति आयोग के आग्रह पर स्वर्ण भारत ने यह कार्यक्रम पोषण माह को समर्पित किया है। जिसमे गूगल मीट पर कुपोषण मुक्त भारत पर चर्चा होगी। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को कलाम सम्मान से नवाजा जाएगा। इस बीच स्वर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी सदस्यों व सहयोगियों से ट्रस्ट को दान राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

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