डॉक्टर की लापरवाही ने ली जच्चा-बच्चा की जान डिलीवरी के समय काटा नवजात का गला, जानें पूरा मामला

खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में आज सुबह बड़ा ही र्ददनाक मामला सामने आया, भगवान का दर्जा पाने वाले डॉक्टर की लापरवाही के चलते आज दो जानें चली गई। आज सुबह यानी बुधवार के दिन डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान एक डॉक्टर ने अपनी लापरवाही के कारण नवजात का गला काट डाला। घटना में जच्चा और बच्चे की ऑपरेशन के दौरान ही मौत हो गई। घटना जिले के महेशखुंट के एक निजी क्लीनिक में मंगलवार को घटी। घटना के बाद परिजनों ने प्रसव के दौरान डॉक्टर द्वारा लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा करते हुए एनएच 107 को जाम कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस टीम ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए महेशखूंट स्थित टाटा इमरजेंसी हॉस्पीटल को सील कर दिया गया।

वहीं पीड़ित के आवेदन पर थाना में एफआईआर दर्ज किया गया है। पसराहा थानाक्षेत्र के महदीपुर निवासी अमित कुमार की पत्नी चांदनी देवी को 11 जनवरी को रेफरल अस्पताल गोगरी प्रसव कराने के लिए गया था, लेकिन बच्चा उल्टा होने के कारण वहां पर तैनात एएनएम ने बेहतर इलाज के लिए महेशखूंट के टाटा इमरजेंसी हॉस्पीटल में प्रसव कराने के लिए भेज दिया गया। उसके बाद अस्पताल आने के साथ ही डाक्टर ने सर्जरी कर प्रसव कराने की बात कही। पीड़ित परिजनों ने बताया कि टाटा इमरजेंसी हॉस्पीटल में डॉक्टर ने ऑपरेशन के एवज में एक लाख रुपये की मांग की। इसके बाद सुबह महिला के प्रसव कराने की बात कही।

इस बीच पीड़ा बढ़ने पर रात में ही महिला का प्रसव कराया जाने लगा। इस दौरान बच्चा के शरीर का नीचे का भाग बाहर आ गया। सिर बाहर नहीं आने के कारण नवजात का गला काटकर धर से अलग कर दिया गया। बाद में महिला के पेट का ऑपरेशन कर बच्चे का कटा सिर निकाला गया। ऑपरेशन के कुछ देर के बाद ही महिला की भी मौत हो गई। हालांकि इस बीच डॉक्टरों ने चालाकी दिखाते हुए प्रसूता की हालत गंभीर होने की बात कह रेफर कर दिया। वे लोग मरीज को लेकर बेगूसराय के लिए रवाना हो गए। इसी दौरान रास्ते में देखा कि चांदनी की मौत हो गई है।

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