तीरथ सिंह रावत: RSS के प्रचारक से उत्तराखंड के CM बनने की कहानी, जानें खास बातें

देहरादून। त्रिवेन्द्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद आज यानी बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पर हुई विधायक दल की बैठक में गढ़वाल से सांसद तीरथ सिंह रावत को विधायक दल का नया नेता चुना गया है। इसके साथ ही ये साफ हो गया कि देवभूमि उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ही होंगे। तीरथ सिंह रावत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। माना जा रहा है कि आज शाम चार बजे वह मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

बता दें कि भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत का जन्म 9 अप्रैल 1964 में सीरों, पट्टी असवालस्यूं पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड में हुआ था। उनके पिता का नाम कलम सिंह रावत और पत्नी का नाम डॉ. रश्मि त्यागी रावत है।

तीरथ सिंह रावत 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक थे। तीरथ सिंह हेमवती नंदन गढ़वाल विश्व विधालय के छात्र संघ अध्यक्ष और छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे हैं। इसके बाद 1997 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद् के सदस्य निर्वाचित हुए।

तीरथ सिंह रावत वर्ष 2000 में नवगठित उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री चुने गए थे। इसके बाद 2007 में भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश महामंत्री चुने गए। इसके बाद 2013 उत्तराखंड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2012 में चौबटाखाल विधानसभा से विधायक निर्वाचित होकर तीरथ सिंह रावत 2013 में उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने।

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फरवरी 2013 से दिसंबर 2015 तक तीरथ सिंह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे और चौबट्टाखाल से भूतपूर्व विधायक (2012-2017) हैं। वर्तमान में तीरथ सिंह रावत भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ गढ़वाल लोकसभा से सांसद भी हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था।

 

 

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