UP: पांच साल में 1297 दिन गैर हाजिर रही शिक्षिका, फिर भी जारी होता रहा वेतन, अब हुई FIR

रामपुर। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के कारनामे वाकई हैरतअंगेज हैं। ताजा मामला रामपुर जनपद में तैनात रही एक शिक्षिका का है। ये शिक्षिका अपनी पांच साल की तैनाती के दौरान साढ़े तीन साल से अधिक 1297 दिनों तक गैर हाजिर रही। हालांकि विभागीय मिलीभगत के चलते लगातार उसका वेतन जारी होता रहा। इस धोखाधड़ी का भंडाफोड़ होने पर आरोपी शिक्षिका और उसके पति समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। इसके साथ ही गैरहाजिर रहने के दौरान वेतन के रूप में ली गई धनराशि की रिकवरी कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक अजीमनगर थाना क्षेत्र के सैदनगर ब्लाक के कुम्हरिया गांव के प्राथमिक स्कूल में प्रीति यादव नाम की एक शिक्षका की तैनाती लगभग 62 माह (2011 से 2015) तक रही है। इस दौरान पांच सालों में प्रीती यादव 1297 दिन गैर हाजिर रही। स्कूल के रजिस्ट्रर में उसे गैर हाजिर दिखाया गया है। बावजूद इसके उसका वेतन जारी होता रहा। तत्कालीन बीएसए ने शिक्षिका प्रीती यादव के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। वहीं, एबीएसए ने भी उसका वेतन जारी करने की संस्तुति नहीं की थी, इसके बाद भी वेतन जारी कर दिए गए थे। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच बैठा दी और बीएसए से रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट मिलने पर डीएम के आदेश पर अजीमनगर थाने में खंड शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह राणा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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सैदनगर के कुम्हरिया कलां गांव के स्कूल में तैनात रही शिक्षिका प्रीति यादव 2011 में रामपुर में तैनात हुई थीं। वह 2005 से शिक्षिका के पद पर तैनात हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्य लक्ष्मी ने बताया कि प्रीति यादव 15 जुलाई 2011 से रामपुर में तैनात थीं। स्कूल में ज्वाइन करने के दो दिन बाद से ही वह गैरहाजिर हो गईं। खंड शिक्षाधिकारी ने उसके खिलाफ कार्रवाई को लिखा। वेतन रोकने के आदेश हुए, लेकिन जब बैंक स्टेटमेंट जारी हुआ तो पता चला कि वेतन जारी हो रहा है। तत्कालीन बीएसए ने सेवा समाप्ति को भी लिखा था, लेकिन जब सेवा समाप्ति का नोटिस जारी हुआ तो उक्त शिक्षिका अंतरजनपदीय तबादले के तहत बाराबंकी चली गई। कार्रवाई के लिए बाराबंकी के बीएसए को भी लिखा गया है।

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