धर्म बदलकर आलिया बनी प्रियंका, हाईकोर्ट ने कहा ये उसकी इच्छा

उत्तर प्रदेश। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में सोमवार को न्यायमूर्ति पंकज नकवी एवं न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की खंडपीठ द्वारा सुनवाई के दौरान कहा,कि सविंधान द्वारा दो व्यक्तिों को अपनी स्वतंत्र इच्छा से साथ रहने का पूर्ण अधिकार प्राप्त हैं,उसमें आपत्ति करने का किसी को अधिकार नहीं है। यह उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का मूल तत्व है। खंडपीठ ने कुशीनगर के सलामत अंसारी और प्रियंका खरवार उर्फ ​​आलिया की याचिका पर सुनवाई में यह बात कहीं है।

दरअसल,2019 में एक युवती के पिता की ओर से दर्ज कराई गई याचिका पर युवती द्वारा असहमति जताते हुए कहा कि,उन्होंने मुस्लिम रीति रिवाज से निकाह किया है। इसके बाद प्रियंका ने इस्लाम को स्वीकार कर लिया है और एक साल से दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं। जिसमें कोर्ट ने यह कहते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया,कि निजी रिश्तों में हस्तक्षेप करना व्यक्ति की निजता के अधिकार में गंभीर अतिक्रमण है,जो संविधान के अनुच्छेद 21 में अधिकार प्राप्त है

Gyan Dairy
Share