योगी आदित्यनाथ के एक आदेश से 15 साल से फरार मृत्युदंड का कैदी फिर पहुंचा जेल

प्रदेश की योगी सरकार अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने में लगाता जुटी हुई है। इसी का नतीजा है कि कारागार विभाग कार्रवाई करने में जुट गया है। आनन-फानन में प्रदेश की सभी जेलों से पैरोल तोड़कर फरार हुए कैदियों के मामले की रिपोर्ट मांगी जा रही है। यह आदेश बरेली सेन्ट्रल जेल भी पहुंचा। जहां कई साल से फरार चल रहे तीन कैदियों का पता चला। अफसरों पर दबाव पड़ा तो इनमें से एक पैरोल तोड़कर 15 साल से फरार उम्रकैदी अपने आप जेल में हाजिर हो गया।

सोमवार को अचानक को बरेली सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण करने पहुंच गया।

शाहजहांपुर निवासी वीरपाल, जिसके ठिकाने का 2002 से किसी को पता नहीं लग पा रहा था।

वीरपाल हत्या के मामले में उम्र कैदी था और 2002 में पैरोल पर रिहा होने के बाद से ही फरार हो गया था।

जो स्थानीय पुलिस के दबाव में उसने बरेली सेन्ट्रल जेल आकर आत्मसमर्पण कर दिया है।

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जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि कि वीरपाल अपने जन्म स्थान के आसपास छिपा था।

इनमें बुलंदशहर निवासी चन्द्रपाल यादव को कमांडिंग अधिकारी 8 माउंटेन डिवीजन सिंगल रेजिमेंट द्वारा 18 अक्टूबर 1974 को हत्या के आरोप में आर्मी एक्ट के तहत मृत्युदंड दिया गया था।

वीरपाल के अलावा दो अन्य कैदी अभी भी बरेली सेंट्रल जेल से काफी लंबे समय से पैरोल के बाद से फरार हैं।

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