आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शुरु, इन आधारों पर होगा चयन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के चयन के लिए बनने वाली चयन समिति में अब महिला अधिकारी का होना जरुरी हो गया है। चयन के लिए पहली प्रकिया गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार के सदस्य को दी जाएगी। चयन के लिए शहरी क्षेत्र के लिए गरीबी की आय सीमा 56460 रुपये और गांव में 46080 रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा 62 वर्ष की होने पर सेवाएं स्वतखत्म हो जाएंगी। प्रदेश में लम्बे समय से 50 हजार पद रिक्त हैं। इस संबंध में बाल विकास सेवा व पुष्टाहार की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया का पुनर्निधारण कर दिया है। इसके अलावा पहले की योग्यताएं पूर्ववत ही रखी गई हैं। हाईस्कूल पास युवतियां ही आंगनबाड़ी और मिनी केंद्र पर कार्यकर्त्रियों तैनात की जा सकेंगी। सहायिकाओं के लिए शैक्षिक योग्यता न्यूनतम पांचवीं पास रखी गई है।

इन पदों पर चयन के लिए आयु सीमा 21 से 45 वर्ष है। वहीं सहायिका से आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद पर चयन के लिए उम्र सीमा 50 वर्ष निर्धारित की गई है। पांच वर्ष सहायिका के पद पर काम करने वाली ही कार्यकत्र्री पद के लिए आवेदन कर सकती हैं। चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। आवेदन पत्र का प्रारूप एनआईसी तैयार करेगा और जिलों को उपलब्ध कराएगा। विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद चयन प्रक्रिया 45 दिनों में पूरी की जाएगी।

यदि कोई आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री या सहायिका किसी लाभ के पद पर चयनित होती है तो उस पद पर शपथ लेने के साथ ही उसकी सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। सेविकाएं या कार्यकत्रियां समायोजन के लिए प्रार्थना कर सकती है। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक के अंक प्रतिशत को 10 से विभाजित करने पर जो उत्तर आएगा उसे ही अंक माना जाएगा। स्नातक के बाद के अंक नहीं जोड़े जाएंगे। जैसे हाईस्कूल में 45 फीसदी अंक हैं तो इसे 10 से विभाजित करने पर 4.5 होगा। इसी तरह तीनों परीक्षाओं के अंक जोड़े जाएंगे।

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