पशुपालन घोटाला: रिमांड पर पूर्व DIG अरविंद सेन को देख सिपाही बोला- मैं नहीं ले जाउंगा हवालात, ये मेरे एसपी थे

लखनऊ। पशुपालन विभाग में हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में पूर्व डीआईजी अरविन्द सेन को हजरतगंज पुलिस ने गुरुवार को 24 घंटे की रिमांड पर लिया था। इस दौरान पूछताछ में पूर्व आईपीएस अरविन्द सेन ने स्वीकार किया कि इस फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी आशीष राय से उनके सम्बन्ध थे लेकिन वह उसके किसी कृत्य में शामिल नहीं थे। वहीं कुछ सवालों के जवाब अरविन्द सेन ने कोर्ट में देने को कहा है। अरविंद सेन की रिमाण्ड आज दोपहर 12 बजे खत्म हुई। इसके बाद सीधे उन्हें कोर्ट ले जाया गया।

पूर्व डीआईजी अरविन्द सेन को लखनऊ जिला जेल से गुरुवार दोपहर हजरतगंज कोतवाली लाया गया था। इस दौरान पूर्व आईपीएस अरविंद सेन को जब हजरतगंज कोतवाली के हवालात में डालने को कहा गया तो वहां मौजूद एक सिपाही बोला कि साहब मेरे एसपी रहे हैं। मैं इन्हें हवालात में नहीं ले जा सकता। यह कहकर वो थोड़ा पीछे हट गया। इसके बाद दूसरे सिपाही ने अरविन्द सेन को हवालात में बंद किया। यही नहीं विवेचक श्वेता श्रीवास्तव भी अरविंद सेन की मातहत रह चुकी हैं। उनकी मौजूदगी तक लोग उनके बारे में ही चर्चा करते रहे। अरविन्द सेन लखनऊ में काफी समय तक एएसपी ट्रैफिक भी रहे हैं। इस फर्जीवाड़े में नाम आने पर शासन ने उन्हें निलम्बित कर दिया था। निलम्बन के समय वह आगरा पीएसी में डीआईजी थे। इसी 31 जनवरी को उनकी सेवानिवृत्ति थी।

एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने इंस्पेक्टर के कमरे में करीब चार घंटे तक उनसे पूछताछ की। विवेचक के कई सवालों में अरविन्द सेन उलझे भी लेकिन फिर फंसने वाले सवालों पर कभी चुप्पी साध ली। कई सवालों के जवाब उन्होंने कोर्ट में देने की बात कही। पशुपालन विभाग में हुए फर्जीवाड़े की रिपोर्ट पिछले साल 17 जून को इंदौर के व्यापारी मंजीत भाटिया ने दर्ज करायी थी।

अरविन्द सेन से पूछे गये कुछ सवाल

सवाल- पशुपालन फर्जीवाड़े में जो आरोप लगे हैं, उस बारे में आपको क्या कहना है?

जवाब – जालसाजी के आरोपी आशीष राय से मेरे पुराने सम्बन्ध थे पर इस फर्जीवाड़े से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

सवाल- व्यापारी को आपने अपने कार्यालय में क्यों धमकाया?

जवाब  -मैं कभी उस व्यापारी से मिला ही नहीं। जब एसके मित्तल बनकर ये जालसाज मिल सकते हैं तो अरविन्द सेन बनकर भी कोई और इसके सामने आया होगा।

सवाल- पीड़ित ने फिर अरविन्द सेन पर आरोप क्यों लगाये?

जवाब -उसने तत्कालीन एसपी सीबीसीआईडी पर आरोप लगाये हैं। एफआईआर में कहीं भी मेरा नाम नहीं है। उसे दफ्तर ले जाकर किसी फर्जी एसपी से मिलाया गया होगा।

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सवाल- आशीष ने आपके खाते में लाखों रुपये क्यों जमा कराये?

जवाब -आशीष की ओर से मेरे खाते में कभी रुपये नहीं जमा किये गये। ये रुपये किसी और न जमा कराये।

सवाल- किसने ये रुपये जमा करायें और क्यों?

जवाब -इसका जवाब मैं कोर्ट में दूंगा…

सवाल- फिर आशीष को इन रुपयों के बारे में कैसे पता चला, उसने बयान दिया है ऐसा?

जवाब -इसका जवाब भी वह कोर्ट में ही देंगे।

सवाल- विवेचना में तो कई सुबूत मिले हैं आपके खिलाफ

जवाब -आप के इन सुबूतों का जवाब भी कोर्ट में ही देंगे…

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