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बलिया कांड: BJP विधायक सुरेंद्र सिंह बोले- आरोपी धीरेंद्र गोली न चलाता तो दर्जनों लोग मारे जाते

बलिया। यूपी के बलिया में राशन दुकान के आवंटन के दौरान हुए गोलीकांड में भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। बलिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने इस हत्याकांड के दूसरे पहले पर बात छेड़ दी है। विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि घटना बहुत परेशान करने वाली है। यह नहीं होनी चाहिए थी लेकिन मैं प्रशासन की एकतरफा जांच की निंदा करता हूं। घटना में घायल हुई छह महिलाओं के दर्द को कोई नहीं देख रहा है। विधायक ने कहा कि आरोपी धीरेंद्र सिंह ने यह फायरिंग आत्मरक्षा में की थी।

विधायक का कहना है कि अगर धीरेन्द्र ने गोली नहीं चलाई होती तो उसके दर्जनों रिश्तेदार मारे जाते। गलत काम करने वालों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। लेकिन पुलिस को अन्य समूहों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने महिलाओं पर लाठियों और लोहे की छड़ों से हमला किया।

गौरतलब है कि बलिया जिले के रेवती क्षेत्र में गुरुवार को कोटा आवंटन को लेकर हो रही खुली बैठक के दौरान ही एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसे ताबड़तोड़ चार गोलियां मारी गई। पुलिस के सामने ही हुई वारदात से सनसनी फैल गई। अफरातफरी के बीच विवाद और मारपीट में कई लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को सीएचसी सोनबरसा में भर्ती कराया गया है। तनाव को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गयी है। साथ ही कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

दरअसल ग्राम सभा दुर्जनपुर और हनुमानगंज की कोटे की दो दुकानों के आवंटन के लिए गुरुवार की दोपहर पंचायत भवन पर खुली बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह, बीडीओ बैरिया गजेन्द्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी। दुकानों के लिए चार स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया।

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दुर्जनपुर की दुकान के लिए आम सहमति नहीं बन सकी। लिहाजा दो समूहों मां सायर जगदंबा स्वयं सहायता समूह और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग वही करेगा जिसके पास आधार अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा। एक पक्ष के पास अधार और पहचान पत्र मौजूद था, लेकिन दूसरे पक्ष के पास कोई आईडी प्रुफ नहीं था। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला बिगड़ता देख बैठक की कार्रवाई को स्थगित कर अधिकारी चले गये। मौके पर मौजूद रेवती पुलिस दोनों पक्षों को समझाने और विवाद शांत करने में जुट गई।

एक पक्ष अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगा। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों से भिड़ंत हो गयी। बात बढ़ी तो लाठी-डंडे के साथ ही ईट-पत्थर चलने लगा। इसी बीच एक पक्ष की ओर से फायरिंग शुरू हो गयी। दुर्जनपुर के 46 वर्षीय जयप्रकाश उर्फ गामा पाल को ताबड़तोड़ चार गोलियां मार दी गई। गोली चलते ही अफरातफरी मच गई। जयप्रकाश को लेकर लोग सीएचसी सोनबरसा पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

इस हत्याकांड के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि मुख्य आरोपी धीरेंद्र अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बलिया पुलिस धीरेंद्र को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। यहीं नहीं आजमगढ़ जोन के आईजी सुभाष चंद्र दुबे, दुर्जनपुर गांव में कैंप कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। सूचना यह भी है कि मुख्य आरोपी धीरेंद्र के घर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है और घरवालों पर भी नजर रखी जा रही है।

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