बिकरू कांड: ब्राह्मणों को रिझाने की कवायद, खुशी दुबे की पैरवी करेंगे बसपा नेता सतीश मिश्र करेंगे

लखनऊ। यूपी में विधानसभा चुनाव तो अगले साल होने हैं, लेकिन अभी से सत्ता पर काबिज होने के लिए राजनैतिक दलों में उठापटक शुरू हो गई है। सबसे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने ब्राह्मण सम्‍मेलन का ऐलान करके ब्राह्मणों को रिझाने की कोशिश की है। बसपा ने एक बार फिर ब्राह्मणों को अपने पाले में करने के लिए बिकरू कांड के कुख्‍यात विकास दुबे के शूटर रहे अमर दुबे की पत्‍नी खुशी दुबे का केस लड़ने का ऐलान किया है। बसपा महासचिव और दिग्गज वकील सतीश मिश्र खुशी दुबे की पैरवी करेंगे।

बता दें कि खुशी दुबे का पति अमर दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। इसके बाद नाबालिग खुशी दुबे एक साल से बाराबंकी के एक किशोर केंद्र में बंद है। बिकरु कांड से महज नौ दिन पहले ही खुशी दुबे की शादी हुई थी। बसपा के पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने बताया कि पार्टी के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्‍ता सतीश मिश्रा कोर्ट से खुशी दुबे की रिहाई की मांग करेंगे।

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बता दें कि कानपुर एनकाउंटर केस के सह आरोपी और एनकाउंटर में मारे जा चुके अमर दुबे की पत्‍नी खुशी दुबे के खिलाफ पुलिस ने कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। उस पर हत्‍या और आपराधिक साजिश रचने सहित आईपीसी की कई धाराएं लगी हैं। गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार ने कानपुर देहात की एक विशेष अदालत में हलफनामा देते हुए दावा किया था कि वह नाबालिग है इसलिए उसे एक किशोर मानते हुए ही कार्यवाही की जानी चाहिए। खुशी के वकील ने कोर्ट में कहा था कि बिकरू में हुए नरसंहार से कुछ ही दिन पहले अमर से उसकी शादी हुई थी। लिहाजा, इस साजिश में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।

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